नयी दिल्ली/प्रयागराज. दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास में लगी आग के बाद कथित नकदी बरामदगी के मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को उनके आवास पहुंची. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.
सूत्रों ने बताया कि टीम अपराह्न करीब 1.50 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के घर पहुंची और दो घंटे बाद वापस गई. हालांकि, पुलिस टीम ने मीडिया से बात नहीं की और न्यायाधीश वर्मा के घर से निकलकर तुगलक रोड पुलिस थाना गई. इससे पहले पुलिस सूत्रों ने बताया था कि टीम उस स्थान का निरीक्षण करने जा रही है जहां आग लगी थी और वह न्यायाधीश के आवास पर काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है.
प्रधान न्यायाधीश ने 22 मार्च को आरोपों की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की और घटना में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय की जांच रिपोर्ट अपलोड करने का फैसला किया. इसमें कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो शामिल थे. न्यायमूर्ति वर्मा ने आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उनके या परिवार के किसी सदस्य ने भंडारगृह में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, न्यायिक कार्य ठप
आधिकारिक आवास पर भारी मात्रा में नकदी मिलने के संबंध में जांच का सामना कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरण के खिलाफ यहां के अधिवक्ताओं की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही जिससे न्यायिक कार्य ठप रहा.
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अधिवक्ता 27 मार्च को भी हड़ताल पर रहेंगे. वहीं न्यायाधीशों से भी इस आंदोलन में अपना सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया है. एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय ने कहा कि जिन अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव और चेतावनी को ना मानते हुए और रोके जाने के बावजूद न्यायालय में जाकर न्यायिक कार्य किया है, उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है.
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. स्पष्टीकरण नहीं देने वाले अधिवक्ताओं की सदस्यता समाप्त कर उच्च न्यायालय से उनके एडवोकेट रोल को निरस्त करने का आग्रह किया जाएगा.
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव (प्रेस) पुनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि हड़ताल के कारण आज शपथपत्र केंद्र बंद रहा और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायाधीशों से संपर्क कर इस आंदोलन में सहयोग करने का आग्रह किया.