छत्तीसगढ़ में डेढ़ महीने में 325 से अधिक नक्सली मारे गए: विष्णु देव साय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 26 Mar 2025 09:40 PM
छत्तीसगढ़ में डेढ़ महीने में 325 से अधिक नक्सली मारे गए: विष्णु देव साय
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बेंगलुरु/नयी दिल्ली. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि राज्य में पिछले डेढ़ महीने में 325 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं और 2,000 से अधिक को या तो गिरफ्तार कर लिया गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवेशकों की एक बैठक के लिए यहां आए थे.

साय ने दावा किया, ”ऐसी छवि बनाई गई है कि पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से ग्रस्त है, जो सच नहीं है. छत्तीसगढ़ का एक छोटा-सा क्षेत्र, जो बस्तर है, नक्सलवाद की समस्या से ग्रस्त है और राज्य का बाकी हिस्सा इस समस्या से मुक्त है.” साय ने संवाददाताओं से कहा, ”हमारी एक साल पुरानी सरकार और हमारे सुरक्षा बल नक्सल समस्या के खिलाफ बहादुरी से लड़ रहे हैं और हमारा मानना है कि महज डेढ़ महीने में 325 से अधिक नक्सली मारे गए हैं और 2,000 से अधिक नक्सलियों को या तो गिरफ्तार कर लिया गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है.” उन्होंने कहा, ”हमें पूरा विश्वास है कि नक्सल समस्या का जल्द ही खात्मा कर दिया जाएगा.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने आत्मसमर्पण करने वालों के लिए अनुकूल पुनर्वास पैकेज तैयार किया है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, नक्सल प्रभावित इलाकों में ‘आपका सुंदर गांव’ नाम से एक योजना भी शुरू की गई है, जिसके तहत वहां करीब 38 सुरक्षा शिविर खोले गए हैं. साय ने कहा कि इस योजना का लाभ 100 से अधिक गांवों को दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या को खत्म करने का संकल्प लिया है.

युवाओं को सट्टेबाजी में फंसाने की साजिश के खिलाफ सीबीआई ने छापेमारी की : विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि उनके राज्य में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये युवाओं को सट्टेबाजी में फंसाने की साजिश के खिलाफ थी. साय छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके करीबी सहयोगियों और 10 से अधिक अधिकारियों से जुड़े ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.

निवेशकों की बैठक के लिए यहां आए साय ने संवाददाताओं से कहा, ”जहां तक मुझे पता है, छापेमारी महादेव बेटिंग ऐप योजना से संबंधित है. पूरी दुनिया जानती है कि कुछ लोगों ने महादेव ऐप के जरिये हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.” साय ने आरोप लगाया कि लोगों को सट्टे की लत लगा दी गई.

उन्होंने कहा, ”कुछ आरोपी भारत से बाहर भी हैं. जब लोगों ने इसकी शिकायत की, तो राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया, जिसने आज छापेमारी की.” सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने बुधवार को 6,000 करोड़ रुपये के कथित महादेव ऐप घोटाले के सिलसिले में बघेल के आवास पर छापेमारी की. उन्होंने बताया कि एजेंसी के दलों ने रायपुर और भिलाई स्थित बघेल के आवासों के साथ-साथ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के घरों पर भी छापेमारी की.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को चौबीसों घंटे समर्थन का भरोसा दिलाया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बेंगलुरु में निवेशकों को आश्वासन दिया कि वह उनकी चिंताओं को सुनने और सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे. यहां आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम के दौरान निवेश पर जोर देते हुए साय ने बेंगलुरु में कारोबारी समुदाय को राज्य में खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता से अवगत कराया. उन्होंने निवेशक-अनुकूल औद्योगिक नीति पर भी प्रकाश डाला, जिसे कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए डिज.ाइन किया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”मैं आपको देश के विकास इंजन में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता हूं. हम आपका लाल-कालीन पर स्वागत कर रहे हैं. हमारी टीम राज्य को निवेश गंतव्य बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है.” उन्होंने कहा, ह्लराज्य में आपका स्वागत करने और आपको अपना उद्यम स्थापित करने में मदद करने के लिए हमेशा एक टीम तैयार है. राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मैं आपके साथ रहूंगा. जब भी आपको मेरी मदद की ज.रूरत होगी, मैं चौबीसों घंटे आपकी बात सुनने के लिए तैयार हूँ.ह्व छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड र्सिवस कंपनीज (नैसकॉम), इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) और टेक्नोलॉजिस्ट इन्वेस्टर्स एंड एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई), बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए.

नक्सली हिंसा में 81 प्रतिशत और मौतों में 85 प्रतिशत की कमी आई: सरकार

सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में नक्सली हिंसा में 81 फीसदी की कमी आयी है वहीं इस हिंसा की वजह से नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौत के मामलों में 85 फीसदी की कमी आई है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खतरे के समग्र समाधान के लिए, सरकार ने 2015 में एक राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना को मंजूरी दी है.

उन्होंने कहा कि इस नीति में सुरक्षा संबंधी उपायों, विकास, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और उनके हक को सुनिश्चित करने आदि को शामिल करते हुए एक बहुआयामी रणनीति की परिकल्पना की गई है. राय ने कहा कि नीति के दृढ़ कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप नक्सली हिंसा में और उसके भौगोलिक विस्तार में कमी आई है.

उन्होंने कहा, ”नक्सली हिंसा की घटनाएं 2010 में अपने उच्चतम स्तर 1,936 पर पहुंच गई थीं, जो 2024 में घटकर 374 हो गईं. इस प्रकार नक्सली हिंसा में 81 प्रतिशत की कमी आई है. इस अवधि के दौरान कुल मौतों (नागरिकों एवं सुरक्षाकर्मी) की संख्या भी 85 प्रतिशत कम हुई है. यह 2010 में 1,005 मौतों से घटकर 2024 में 150 हो गई है.” राय ने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान, नक्सली हिंसा में कमी आई है. ऐसी घटनाएं 2019 में 501 थीं, जो 2024 में घटकर 374 हो गई हैं. इस प्रकार बीते छह बरस में नक्सली हिंसा में 25 प्रतिशत की कमी आई है. उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान नागरिकों और सुरक्षा बलों की कुल मौतों की संख्या भी 26 प्रतिशत कम हुई है. यह आंकड़ा 2019 में 202 था जो 2024 में घटकर 150 रह गया है.

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