नयी दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि जनवरी 2025 से अब तक 636 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत निर्वासित किया गया है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ”इनमें से 341 विशेष उड़ानों से आए, 55 वाणिज्यिक उड़ानों से पनामा के रास्ते आए और 240 अलग-अलग वाणिज्यिक उड़ानों से आए.” तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने अमेरिका से 18,000 अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस लाने की पेशकश की है?
सिंह ने कहा, ”यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रहते पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले जाएं. हालांकि, यह उनकी राष्ट्रीयता के स्पष्ट सत्यापन के अधीन है. यह ऐसी नीति नहीं है जो केवल भारत द्वारा अपनाई जाती है. यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आम तौर पर स्वीकृत सिद्धांत है.” उन्होंने बताया, ”जनवरी, 2025 से अब तक, कुल 636 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत भेजा गया है. इनमें से 341 चार्टर्ड उड़ानों से आए, 55 वाणिज्यिक उड़ानों से पनामा के माध्यम से आए और 240 अलग-अलग वाणिज्यिक उड़ानों से आए.”
रूसी सशस्त्र बलों में सेवारत 18 में से 16 भारतीयों के ‘लापता होने’ की रूस ने सूचना दी
सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि रूसी सशस्त्र बलों में अब भी 18 भारतीय हैं, जिनमें से 16 के बारे में रूस ने ”लापता होने की सूचना” दी है. विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. सरकार से यह पूछा गया था कि क्या उसके पास रूसी सेना में सेवारत कुल भारतीयों की संख्या के बारे में जानकारी है, और यदि है, तो उनकी पहचान की तारीख सहित उसका ब्योरा क्या है.
विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार के पास उन भारतीय नागरिकों के भारत वापस लौटने की तारीखों का डेटा है, जिन्हें अब कार्यमुक्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा, ”उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूसी सशस्त्र बलों में 127 भारतीय नागरिक थे, जिनमें से 97 की सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जो इस मामले पर भारतीय और रूसी सरकारों के बीच उच्चतम स्तर सहित निरंतर संपर्क के परिणामस्वरूप हुआ.” सिंह ने कहा, ”उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 18 भारतीय नागरिक रूसी सशस्त्र बलों में अब भी हैं, जिनमें से 16 के लापता होने की सूचना रूस द्वारा दी गई है.” सरकार ने कहा कि संबंधित रूसी अधिकारियों से ऐसे व्यक्तियों के बारे में अद्यतन जानकारी देने तथा उनकी सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है.