पटना/नयी दिल्ली. बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास के पास मंगलवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा के पूरक परिणाम जारी करने की मांग को लेकर धरना दे रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-3) के पूरक परिणाम जारी करने की मांग को लेकर एक, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के गेट के बाहर प्रदर्शन किया.
पूरा इलाका उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है और वहां इस तरह के किसी भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं है. बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाले बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के खिलाफ नारेबाजी की. सचिवालय-1 की अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अनु कुमारी ने प्रदर्शनकारियों से तुरंत क्षेत्र खाली करने का अनुरोध किया, क्योंकि वहां ऐसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं.
जब प्रदर्शनकारियों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. हालांकि, एसडीपीओ ने पत्रकारों से बात करने से इनकार कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए, जिसे अधिकारियों ने नकार दिया. प्रदर्शनकारी अ्भ्यियथयों में शामिल कृति दत्त ने बताया कि वे पिछले चार महीने से गर्दनीबाग इलाके में प्रदर्शन कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ह्लहमने मंत्रियों से लेकर सचिवों और विधायकों तक सभी से संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी हमें कोई समाधान नहीं दिया.ह्व एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इस मुद्दे पर बीपीएससी को एक पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है.
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अवकाश कुमार से इस घटना पर टिप्पणी के लिए कई बार सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रदर्शनकारी अ्भ्यियथयों पर लाठीचार्ज किए जाने की निंदा की और उनके साथ एकजुटता व्यक्त की.
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ह्लहम आज (मंगलवार को) प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हैं. जब युवा न्याय की मांग करते हैं, तो उनकी आवाज को बेरहमी से कुचल दिया जाता है. युवाओं की आवाज को कुचलना केंद्र और राज्य की राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकारों का ‘फैशन’ बन गया है.ह्व उन्होंने कहा, ह्लछात्र आज लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. यह अक्षम सरकार अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को पालती-पोसती है तथा उनकी रक्षा करती है लेकिन विद्यार्थियों, युवाओं और बेरोजगारों पर लाठीचार्ज कराती है. यही समय है, राज्य के लोगों को आगामी विधानसभा चुनावों में इस अक्षम सरकार को बदलने के लिए एकजुट होना चाहिए.ह्व बीपीएससी ने मार्च 2024 में शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी और टीआरई-3 के तहत कुल 87,774 पदों की घोषणा की गई थी. हालांकि, अभी तक लगभग 51,000 अ्भ्यियथयों को ही नियुक्ति पत्र मिले हैं. अधिकारियों ने पहले पूरक परिणाम जारी करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है.
बिहार में ‘लाठीमार सरकार’, शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले की न्यायिक जांच हो: कन्हैया कुमार
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा के पूरक परिणाम जारी करने की मांग को लेकर धरना दे रहे अ्भ्यियथयों पर लाठीचार्ज की मंगलवार को निंदा की और आरोप लगाया कि राज्य में ”फर्जी डबल इंजन” वाली ”लाठीमार सरकार” है. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि लाठीजार्च और शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितता की न्यायिक जांच तथा बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का ऑडिट होना चाहिए.
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रभारी कन्हैया कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”पटना में बिहार के अ्भ्यियथयों पर पुलिस ने फिर से बर्बर लाठीचार्ज किया है. यह पहला मामला नहीं है. पहले भी कई बार अ्भ्यियथयों पर लाठीचार्ज किया गया है. यह सब इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि डबल इंजन की फर्जी सरकार अहंकार में है.” उन्होंने दावा किया कि बिहार में नौकरियों का अंबार होना चाहिए, लेकिन वहां ”लाठियों की बौछार” है. कुमार ने कहा, ”प्रदेश में बेरोजगारी दर, देश की बेरोजगारी दर से ज़्यादा है और ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी (दर) तो और भी चिंताजनक है. प्रदेश में छात्र अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए बहुत ही अमानवीय स्थिति में रहते हैं और संघर्ष करते हैं, लेकिन जब नौकरी का नंबर आता है तो उनके साथ अन्याय होता है.”