लेह/अमृतसर/भुज. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए लेह जिले में ड्रोन या मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया. अधिकारियों ने विश्वसनीय जानकारी और राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन या यूएवी के “संभावित दुरुपयोग” को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है.
स्थानीय लोगों, पर्यटकों या व्यक्तियों द्वारा ड्रोन और यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा इस चेतावनी के साथ दिया गया कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लगभग एक जैसे आदेशों में लेह के जिला मजिस्ट्रेट संतोष सुखदेव और करगिल के जिला मजिस्ट्रेट श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने कहा कि ये आदेश सार्वजनिक सुरक्षा के हित में जारी किए गए हैं तथा अगले निर्देश तक लागू रहेंगे.
ये अलग-अलग आदेश भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ मिसाइल हमले किए जाने के एक दिन बाद जारी किए गए. आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक सुरक्षा, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और आम जनता के लिए खतरे की आशंका को देखते हुए, लेह के पुलिस अधीक्षक ने आम जनता और पर्यटकों द्वारा ड्रोन और यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी करने का अनुरोध किया है.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा कि लेह जिले के संपूर्ण अधिकार क्षेत्र में स्थानीय लोगों, पर्यटकों या किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के ड्रोन या यूएवी को उड़ाना, चलाना या उपयोग करना सख्त र्विजत है.
आदेश में कहा गया है, ”कोई भी व्यक्ति जो इस आदेश का उल्लंघन करते हुए किसी ड्रोन या यूएवी को उड़ते हुए देखता है तो उसे तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) या पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए.” इस बीच, ‘ऑल लद्दाख होटल एंड गेस्ट हाउस एसोसिएशन’ ने लेह हवाई अड्डे से उड़ानें बाधित होने के कारण फंसे पर्यटकों के लिए नि?शुल्क ठहरने की घोषणा की है. एसोसिएशन की अध्यक्ष रिग्जिन वांगमो लाचिक ने कहा कि एसोसिएशन ने फंसे हुए पर्यटकों की सहायता के लिए यह कदम उठाया है और निर्णय लिया है कि जिन मेहमानों की उड़ानें मौजूदा स्थिति के कारण रद्द कर दी गई हैं, उन्हें उन्हीं होटलों में नि:शुल्क ठहरने की सुविधा प्रदान की जाएगी, जहां वे लद्दाख में ठहरे हुए हैं.
अमृतसर में बिखरा मिला धातु का मलबा, स्थानीय लोगों ने मिसाइल के टुकड़े होने का दावा किया
पंजाब के अमृतसर जिले के एक गांव में बृहस्पतिवार को कुछ स्थानों पर धातु का मलबा बिखरा हुआ पाया गया जबकि कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि ये किसी मिसाइल के टुकड़े हैं. पुलिस ने बताया कि जांच करने के बाद ही पता चल पाएगा की यह सिर्फ धातु का मलबा है या मिसाइल के टुकड़े हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जिले के जेठूवाल गांव के कुछ खेतों एवं घरों में धातु का मलबा मिला है. उन्होंने बताया कि किसी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. स्थानीय लोगों ने मलबा मिलने पर पुलिस को बताया और उन्होंने सेना को इसकी सूचना दी. अमृतसर जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार तड़के ‘ब्लैकआउट’ अभ्यास किया और निवासियों से घरों के अंदर रहने और नहीं घबराने के लिए कहा.
‘ब्लैकआउट’ अभ्यास रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ. पिछले तीन घंटों में जिले में दूसरी बार यह अभ्यास किया गया था. इससे पहले बुधवार को रात साढ़े दस बजे से 11 बजे तक ‘मॉक ड्रिल’ की गई थी. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए.
गुजरात में भारत-पाक सीमा के पास ‘ड्रोन जैसी’ वस्तु का मलबा मिला
गुजरात के कच्छ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के नज.दीक एक सुनसान इलाके में बृहस्पतिवार को ‘ड्रोन जैसी’ वस्तु का मलबा मिला है. पुलिस ने यह जानकारी दी. ड्रोन जैसी यह वस्तु खावड़ा गांव के पास तब मिली है, जबकि केंद्र सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान ने बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात को पश्चिमी और उत्तरी भारत के कई स्थानों पर हमले की कोशिश की थी.
कच्छ (पश्चिम) के पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने पुष्टि करते हुए कहा, “आज सुबह एक हाई-वोल्टेज पावर ट्रांसमिशन लाइन के नीचे ‘ड्रोन जैसी’ वस्तु का मलबा मिला है.” उन्होंने बताया, “यह मलबा खावड़ा गांव के पास मिला. स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद वायुसेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उस वस्तु व उसके हिस्सों को जांच के लिए भुज एयरबेस ले गए.” ड्रोन कहां से आया इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है और यह भी पता नहीं चल पाया है कि क्या इसे मार गिराया गया या फिर यह बिजली लाइन से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया. सूत्रों के अनुसार, मलबा जिस स्थान पर मिला है, वह भारत-पाक सीमा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.