अहमदाबाद विमान दुर्घटना: एअर इंडिया पायलट सभरवाल, चालक दल सदस्य पाटिल का अंतिम संस्कार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 17 Jun 2025 08:52 PM
अहमदाबाद विमान दुर्घटना: एअर इंडिया पायलट सभरवाल, चालक दल सदस्य पाटिल का अंतिम संस्कार
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मुंबई. अहमदाबाद में पिछले सप्ताह दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान के पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल का अंतिम संस्कार मंगलवार को मुंबई में किया गया. उनके शोकाकुल पिता अपने बेटे को अंतिम विदाई देते समय बिलख पड़े. संबंधित घटनाक्रम में, एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-171 की चालक दल की सदस्य मैथिली पाटिल का रायगढ. जिले में अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, रिश्तेदार और मित्र उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे.

सभरवाल और पाटिल दोनों के पार्थिव शरीर दुर्घटना के लगभग एक सप्ताह बाद आज दिन में अहमदाबाद से मुंबई लाये गए थे. एक अधिकारी ने बताया कि सभरवाल का अंतिम संस्कार परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में उपनगरीय चकला स्थित विद्युत शवदाह गृह में किया गया. अधिकारी ने बताया कि 56 वर्षीय अनुभवी पायलट का अंतिम संस्कार करने के बाद उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य पूर्वाह्न करीब 11.15 बजे श्मशान घाट से चले गए.

इससे पहले सुबह सभरवाल का पार्थिव शरीर एक ताबूत में रखकर विमान से सुबह मुंबई हवाई अड्डे लाया गया. इसके बाद सभरवाल के परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर को पवई के जलवायु विहार स्थित उनके आवास ले गए. सभरवाल के कई मित्र और रिश्तेदार तथा स्थानीय निवासी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास के बाहर एकत्र हुए. सभरवाल के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में व्यवसायी निरंजन हीरानंदानी और स्थानीय विधायक दिलीप लांडे शामिल थे. दिवंगत पायलट के बुजुर्ग पिता पुष्करराज भावुक हो गए और उन्होंने हाथ जोड़कर अपने बेटे को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इसके बाद पायलट के पार्थिव शरीर को एक शव वाहन में चकला स्थित विद्युत शवदाह गृह ले जाया गया.

एअर इंडिया के विमान एआई-171 में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे जो 12 जून को लंदन जा रहा था और अहमदाबाद में हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान के एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स से टकराने के कारण उसमें सवार एक यात्री को छोड़कर सभी की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर 29 लोगों की भी मौत हो गई थी.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पहले एक बयान में कहा था कि उड़ान की कमान सभरवाल के पास थी, साथ ही फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी थे. बयान के अनुसार सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था, जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे का अनुभव था.

विमान ने अपराह्न 1.39 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरी. विमान के पायलट (सभरवाल) ने उड़ान भरने के तुरंत बाद अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे’ कॉल की, जो पूर्ण आपातकाल की सूचना थी. कुछ ही क्षणों बाद, विमान (एआई 171), जो एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, हवाई अड्डे के परिसर के बाहर स्थित चिकित्सा परिसर से टकरा गया.

एअर इंडिया की चालक दल की सदस्य पाटिल का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया. वह दुर्घटना में मारे गए चालक दल के 12 सदस्यों में से एक थीं. एक अधिकारी ने कहा कि डीएनए मिलान के माध्यम से उनके शव की पहचान करने के बाद, पार्थिव शरीर को अहमदाबाद में उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया और मंगलवार सुबह मुंबई लाया गया.

उन्होंने बताया कि पाटिल के पार्थिव शरीर को रायगढ. जिले के न्हावा गांव ले जाया गया, जहां उनके परिवार के सदस्यों, मित्रों और स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पाटिल दो साल पहले एअर इंडिया में चालक दल की सदस्य के तौर पर शामिल हुई थीं.

केबिन सुपरवाइजर श्रद्धा धवन को उनकी किशोर बेटी ने दी भावपूर्ण विदाई

एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान की केबिन सुपरवाइजर श्रद्धा धवन का पार्थिव शरीर रात के दौरान उनके घर लाया गया. इस दौरान उनके परिजनों के साथ ही पड़ोसियों और परिचितों की आंखों में आंसू थे. मुलुंड स्थित ‘निषाद’ हाउसिंग सोसायटी के निवासी और एअर इंडिया के कई वरिष्ठ सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी बृहस्पतिवार रात को परिजनों के साथ एकत्र हुए थे. परिवार ने शव के लिए चार दिनों तक इंतजार करने के बाद उनका रात में ही अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया था.

माहौल उस समय और अधिक गमगीन हो गया जब श्रद्धा के दुखी पिता माधव धवन ने इस बात पर जोर दिया कि उनके ताबूत को उस फ्लैट में ले जाया जाए जो उन्होंने (श्रद्धा) खरीदा था. श्रद्धा धवन के साथ काम कर चुके एक करीबी मित्र ने कहा, ”वह एक भावुक क्षण था.” श्रद्धा की उम्र 40 के आसपास थी. वह अहमदाबाद से उड़ान भरने वाली उस विमान में सवार थीं, जो पिछले बृहस्पतिवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस दुर्घटना में यात्रियों और चालक दल सहित 242 लोगों में से 241 लोग मारे गए थे.

श्रद्धा के शोकाकुल परिवार के सदस्यों में उनकी 15 वर्षीय बेटी भी शामिल थी जो स्तब्ध हो गई है. उसने न केवल अपनी मां खो को दिया है, बल्कि एक ऐसी दोस्त भी जो हमेशा उसके जीवन में उसके साथ खड़ी थी. घर पर धार्मिक संस्कारों के बाद श्रद्धा के पार्थिव शरीर को पास के श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पूरे ताबूत को चिता पर रख दिया गया. अंतिम संस्कार के समय श्रद्धा के भाई विवेक ने दुर्घटना के समय श्रद्धा द्वारा पहनी गई साड़ी का एक टुकड़ा और उनकी नेमप्लेट निकाली तथा नम आंखों से उसे चिता पर रख दिया.
श्रद्धा की बेटी ने उसके पिता के साथ मिलकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं. जब किशोरी ने ताबूत को चिता पर रखा तो वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके.

 

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