मोदी-कार्नी वार्ता: भारत, कनाडा उच्चायुक्तों की नियुक्ति पर सहमत; संबंधों में स्थिरता बहाल होगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 18 Jun 2025 09:26 PM
मोदी-कार्नी वार्ता: भारत, कनाडा उच्चायुक्तों की नियुक्ति पर सहमत; संबंधों में स्थिरता बहाल होगी
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नयी दिल्ली/कनैनिस्किस. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा में उनके समकक्ष मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों में स्थिरता बहाल करने के लिए ”रचनात्मक” कदम उठाने पर सहमति जताई है, जिसमें दोनों देशों की राजधानियों में उच्चायुक्तों की जल्द बहाली शामिल है, जो तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के उनके इरादे का संकेत है.

मोदी और कार्नी ने मंगलवार को कनैनिस्किस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया. कनाडा में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद से द्विपक्षीय संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गये थे.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने ”विश्वास फिर से बहाल करने” और संबंधों में ”प्रगति” के लिए विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ मंत्रिस्तरीय तथा कार्य-स्तरीय संवाद को फिर से शुरू करने के महत्व को भी रेखांकित किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति सम्मान और ”संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों” को बनाए रखने की प्रतिबद्धता के आधार पर भारत-कनाडा संबंधों के महत्व की पुष्टि की.

इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत इस बात को लेकर दबाव डाल रहा है कि कनाडा खालिस्तान समर्थक तत्वों को भारत विरोधी गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं दे. दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से शीघ्र प्रगति व्यापार समझौते (ईपीटीए) पर रुकी हुई वार्ता को पुन? आरंभ करने के महत्व को रेखांकित किया.

सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा का ”लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन में दृढ़ विश्वास” है तथा वह और कार्नी भारत-कनाडा मैत्री को गति प्रदान करने के लिए मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने ”किसी मुद्दे को लेकर उपजी चिंताओं एवं उनकी संवेदनशीलता के मद्देनजर आपसी सम्मान बनाए रखने, लोगों के बीच मजबूत संबंध एवं बढ़ती आर्थिक पूरकता” पर आधारित ”रचनात्मक एवं संतुलित” साझेदारी को आगे बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया.

मंत्रालय ने कहा, ”इस संबंध में दोनों पक्ष संबंधों में स्थिरता बहाल करने के लिए संतुलित और रचनात्मक कदम उठाने पर सहमत हुए जिसकी शुरुआत दोनों देशों की राजधानियों में उच्चायुक्तों की शीघ्र बहाली से होगी.” विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक ने दोनों पक्षों को भारत-कनाडा संबंधों की स्थिति और भविष्य में चर्चा में ”स्पष्टता एवं दूरदर्शी” दृष्टिकोण अपनाने का अवसर प्रदान किया.
कनाडा में आम चुनाव के बाद कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत थी.
कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हत्या में भारत की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाए जाने के बाद भारत-कनाडा संबंध में कटुता आ गई थी.

पिछले साल अक्टूबर में कनाडा ने भारत के उच्चायुक्त एवं पांच अन्य राजनयिकों को निज्जर मामले से जोड़ने का प्रयास किया था जिसके बाद भारत ने अपने उच्चायुक्त और राजनयिकों को वापस बुला लिया था. इसके जवाब में भारत ने भी कनाडा के इतने ही राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था.

हालांकि, अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता कार्नी की जीत से संबंधों के फिर से पटरी पर आने की उम्मीद जगी.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोदी और कार्नी ने स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), खाद्य सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, उच्च शिक्षा, गतिशीलता और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन जैसे क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग के अवसरों पर चर्चा की.
मंत्रालय ने कहा, ”दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को बढ़ावा देने में अपनी साझा रुचि की पुष्टि की. नेताओं ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से प्रारंभिक प्रगति व्यापार समझौते पर रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के महत्व पर भी चर्चा की.”

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”उन्होंने इस संबंध में आगे की बातचीत के लिए अपने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने पर सहमति व्यक्त की.” दोनों नेताओं ने जी-7 शिखर सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण प्रगति और जलवायु कार्रवाई, समावेशी विकास और सतत विकास जैसी वैश्विक प्राथमिकताओं पर रचनात्मक रूप से मिलकर काम करने की साझा इच्छा को स्वीकार किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधों को रेखांकित किया और भारत-कनाडा के लाभ के लिए इस जीवंत पुल का लाभ उठाने पर सहमति व्यक्त की. मोदी और कार्नी ने संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की और जल्द एक-दूसरे से फिर से मिलने की उम्मीद जताई.

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