आजमी की ‘वारी’ टिप्पणी : राकांपा ने ‘विषाक्त तत्व’ और विहिप ने हिंदुओं का अपमान बताया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 23 Jun 2025 10:50 PM
आजमी की ‘वारी’ टिप्पणी : राकांपा ने ‘विषाक्त तत्व’ और विहिप ने हिंदुओं का अपमान बताया
ऑडियो सुनें

मुंबई/नागपुर. महाराष्ट्र में महायुति सरकार में सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आजमी द्वारा ‘वारी’ (भगवान विट्ठल के भक्तों द्वारा मंदिर नगर पंढरपुर तक पैदल यात्रा) के बारे में की गई टिप्पणी की सोमवार को आलोचना की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. राकांपा के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने सपा नेता की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र में एक ‘विषाक्त तत्व’ बन गए हैं.

आजमी ने रविवार को कहा था कि मुसलमानों ने कभी भी ‘वारी’ को लेकर शिकायत नहीं की, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे कुछ नेता सड़कों पर नमाज अदा करने का विरोध करते हैं. पत्रकारों से बात करते हुए परांजपे ने कहा, ”अबू आजमी महाराष्ट्र में एक जहरीला तत्व बन गए हैं, जो सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए बार-बार भड़काऊ बयान दे रहे हैं. सरकार को उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि ‘आषाढी वारी’ 800 साल पुरानी परंपरा है.

राकांपा नेता ने बताया कि कई मुसलमान ‘वारी’ में शिरकत कर अपनी सेवाएं देते हैं. ‘वारी’ में राज्य के विभिन्न हिस्सों से लाखों ‘वरकारी’ संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की ‘पालकी’ के साथ पंढरपुर तक पैदल यात्रा करते हैं. उन्होंने कहा, ”आजमी बार-बार लोगों को बांटने के लिए हिंदू-मुस्लिम राजनीति का इस्तेमाल करते हैं. उनके शब्द तनाव भड़काते हैं और इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.” राज्य के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नितेश राणे ने कहा कि किसी को भी हिंदू संस्कृति और त्योहारों के बारे में बोलने की जुर्रत नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ”ये लोग महाकुंभ और ‘वारी’ की आलोचना करते हैं, लेकिन ये यात्राएं पूरे साल नहीं निकलतीं. क्या हमें हज यात्रा के बारे में सवाल उठाना चाहिए?” विश्व हिंदू परिषद के महाराष्ट्र और गोवा मंत्री गोविंद शेंडे ने एक विज्ञप्ति में आजमी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राज्य के गौरवशाली त्योहारों समेत परंपराओं को बड़ी श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाया जाता है.

उन्होंने कहा, ”आषाढ़ी और कार्तिकी वारी में लाखों श्रद्धालु पंढरपुर आते हैं, जो सामाजिक सद्भाव और एकता को बनाए रखते हैं. हिंदू समुदाय ने हमेशा सहिष्णुता दिखाई है और सभी धर्मों के लोगों को स्वतंत्र रूप से पूजा करने की छूट दी है. सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर और नमाज के कारण होने वाली असुविधा के बावजूद, हिंदू समुदाय हमेशा से ही सहयोग करता रहा है.” उन्होंने कहा कि वारी एक वार्षिक आयोजन है और प्रशासन सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सुचारू यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करता है. उन्होंने कहा कि आजमी इस परंपरा को निशाना बना रहे हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को आरोप लगाया था कि आजमी ने लोगों के बीच प्रचार पाने के लिए यह सब कहा है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu