गुवाहाटी/गोवालपारा. असम के धुबरी जिले में रात में देखते ही गोली मारने का आदेश जारी होने के बाद से अब तक 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक मंदिर के सामने मवेशियों के अंग फेंकने के कथित षड्यंत्रकारी की पहचान कर ली गई है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
शर्मा ने 10 दिनों में दूसरी बार धुबरी का दौरा किया और बकरीद के त्योहार के उपरांत जिले में उपजे सांप्रदायिक तनाव के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील जिले में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय सेना का एक स्थायी अड्डा बनाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है.
शर्मा ने कहा कि 13 जून से अब तक 150 से अधिक ‘असामाजिक तत्वों’ को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें राज्य के बाहर के 11 लोग शामिल हैं. शर्मा ने बताया कि मंदिर के सामने गाय के शव के टुकड़े फेंकने वाले षड्यंत्रकारी की भी पहचान कर ली गई है. उन्होंने बताया कि साजिशकर्ता की पहचान मिंटू अली के रूप में हुई है, जो अभी फरार है, लेकिन उसे जल्द ही आत्मसमर्पण कर देना चाहिए.
गोमांस फेंकने का धंधा बंद होना चाहिए, अन्यथा बदले की कार्रवाई हो सकती है:हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न स्थानों पर गोमांस फेंकने का ”धंधा” बंद होना चाहिए, अन्यथा अन्य लोग जवाबी कार्रवाई में विभिन्न क्षेत्रों में सूअर का मांस रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती है कि ऐसा कुछ हो और ऐसे मामलों पर कोई ”झगड़ा” नहीं होना चाहिए.
राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंदू धर्म स्थलों और अन्य क्षेत्रों के पास कथित तौर पर ‘गोमांस’ और गाय के अंग फेंके जाने की हाल की घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा, ”हमें इन लोगों को गोमांस फेंकने के इस धंधे से रोकना होगा, अन्यथा अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर सूअर का मांस रखना शुरू कर देंगे.” उन्होंने कहा, ”जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि हिंदुओं को एक प्रकार का मांस पसंद नहीं है, तो मुसलमान भी दूसरे प्रकार को पसंद नहीं करते… यदि मंदिरों और नामघरों (वैष्णव पूजा स्थल) के सामने गोमांस फेंका जाता है, तो वे तब क्या करेंगे, जब मस्जिदों के सामने सूअर का मांस रखा जाएगा?” शर्मा ने कहा कि इन चीजों पर झगड़े नहीं होने चाहिए.
उन्होंने कहा, ”हम नहीं चाहते कि ऐसा कुछ हो. इन जगहों को शाकाहारी रखा जाना चाहिए, यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है.” शर्मा ने 8 जून को कहा था कि बकरीद के त्योहार के दौरान असम में कई जगहों पर कथित तौर पर कई मवेशियों का अवैध रूप से वध किया गया और मांस के टुकड़ों को कई स्थानों पर फेंक दिया गया. पुलिस ने राज्य में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की दृष्टि से गायों का अवैध वध करने को लेकर अब तक 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 50 से अधिक अकेले धुबरी में हैं.