भारत के साथ सार्थक बातचीत के लिए तैयार है पाकिस्तान : प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 25 Jun 2025 09:18 PM
भारत के साथ सार्थक बातचीत के लिए तैयार है पाकिस्तान : प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए भारत के साथ ”सार्थक वार्ता” के लिए तैयार है. शरीफ ने यह विचार मंगलवार को सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान व्यक्त किये. यह बातचीत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के करीब दो महीने बाद हुई है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे.

‘रेडियो पाकिस्तान’ के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ ने बातचीत के दौरान कहा कि ”पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर, जल, व्यापार और आतंकवाद सहित सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ सार्थक बातचीत करने के लिए तैयार है.” इस बीच, शरीफ और सऊदी नेता ने पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.

पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया और पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियां रोकने जैसे कदम उठाए. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तानी इलाकों में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था. इस हमले के बाद चार दिनों तक संघर्ष जारी रहा, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के बाद थम गया.

पाकिस्तान ने एडीबी के साथ 35 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए
पाकिस्तान ने महिलाओं के वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ 35 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, महिला समावेशी वित्त (डब्ल्यूआईएफ) क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत समझौते पर मंगलवार को आर्थिक मामलों के प्रभाग की अतिरिक्त सचिव सबीना कुरैशी और परियोजना प्रशासन इकाई के प्रमुख दिनेश राज शिवकोटी ने हस्ताक्षर किए.

इसमें कहा गया, “यह कार्यक्रम महिलाओं को वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच, व्यावसायिक अवसरों का विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा.” डब्ल्यूआईएफ का उप-कार्यक्रम-2 चार प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर केंद्रित है. इसमें महिलाओं के वित्तीय समावेशन के लिए सक्षम नीति और नियामकीय वातावरण बनाना, महिलाओं के लिए वित्त बढ़ाना, महिलाओं की उद्यमिता क्षमता को मजबूत करना और वित्तीय क्षेत्र के भीतर समावेशी और न्यायसंगत कार्यस्थलों को बढ़ावा देना शामिल है.
रेडियो पाकिस्तान ने कहा कि यह समझौता महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का सक्रिय हिस्सा बनाने की पाकिस्तान सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.

इस पहल से न केवल महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि इससे उनके अधिक समावेशी, न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त होगा. नौ जून को जारी आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में पाकिस्तान का कर्ज बढ़कर 76,000 अरब रुपये हो गया है. यह दर्शाता है कि नकदी की कमी से जूझ रहे देश की अर्थव्यवस्था इस साल 2.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है. पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पिछले वर्ष सात अरब डॉलर के बा’ कोष सुविधा (ईएफएफ) ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. पाकिस्तान को अबतक दो किस्तें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से दूसरी किस्त इस वर्ष मई में वितरित की गई थी.

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