शेयर बाजार में 25 साल की सबसे लंबी गिरावट आई है। बाजार लगातार 8वें हफ्ते लाल निशान में बंद हुआ है। यह अब 71,910 पर गिरकर आ गया है। निफ्टी 22,422 पर आ गया है।
1 अक्टूबर को भी बाजार में गिरावट जारी रही. सेंसेक्स 571 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 0.88% की गिरावट रही. इसके साथ ही बाजार लगातार चौथे कारोबारी सेशन्स में गिरावट के साथ बंद हुआ.
FII बिकवाली बनी बड़ी चिंता
Bajaj Broking के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पाबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, पिछले हफ्ते भी FIIs नेट सेलर रहे और प्रोविजनल एक्सचेंज डेटा के आधार पर उन्होंने ₹34,970 करोड़ की इक्विटी बेची है.
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया. DIIs ने इस दौरान ₹33,460 करोड़ की खरीदारी की है.
महंगा क्रूड और US Bond Yield का दबाव
बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, मजबूत ब्रेंट क्रूड कीमतें और लगातार FII आउटफ्लो बाजार के लिए दबाव की वजह बने हुए हैं. इसके अलावा संभावित ईरान पीस डील को लेकर अनिश्चितता और कमजोर होता रुपया भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है. महंगे क्रूड के बीच महंगाई और घरेलू मैक्रो इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
सितंबर में Nifty 6.1% टूटा
Motilal Oswal के मुताबिक, सितंबर में निफ्टी 6.1% गिरा. यह लगातार दूसरा महीना था जब निफ्टी में गिरावट दर्ज हुई और अक्टूबर 2024 के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी मासिक गिरावट रही. 2026 में अब तक निफ्टी 13.4% नीचे है.
सितंबर में FIIs ने भारतीय इक्विटी से $4.1 बिलियन निकाले. इससे 2026 में अब तक FIIs का कुल आउटफ्लो बढ़कर $28.3 बिलियन हो गया. इसके उलट, DIIs ने सितंबर में $8 बिलियन और 2026 में अब तक $67.8 बिलियन का निवेश किया है.
अब 24 घण्टे होगी ट्रेडिंग
भारतीय शेयर बाजार को अब 24 घण्टे खुला रखने का प्रस्ताव आया है। सरकार के पास यह विचाराधीन है लेकिन माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों की तरह भारतीय शेयर बाजार में भी 24 घण्टे ट्रेडिंग हो सकती है। अब सिर्फ दिन में नहीं, रात में भी बड़े स्तर पर शेयरों की ट्रेडिंग होगी! Wall Street और बड़े ट्रेडिशनल एक्सचेंज (TradFi) अब 23×5 ट्रेडिंग मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि रात में बाजार में लिक्विडिटी कौन लाएगा?