भारत ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। ओमान के तट के पास हुए इस हमले में जहाज के 19 सदस्यीय चालक दल में से 12 लोग घायल हुए हैं। इनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। भारत ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तत्काल बंद होनी चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए सुरक्षित नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल करने की जरूरत है।
ईरानी बलों ने दूसरे जहाज को वापस लौटने की दी थी चेतावनी
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने एक अन्य वाणिज्यिक टैंकर को लेकर भी जानकारी दी थी। UKMTO के अनुसार, सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहे एक वाणिज्यिक टैंकर को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जवानों ने रेडियो पर संपर्क किया। कथित तौर पर जहाज को चेतावनी दी गई कि अगर वह वापस नहीं मुड़ा तो उसे निशाना बनाया जा सकता है।
यह घटना सोमवार सुबह करीब 8:27 UTC पर ओमान के खसब से लगभग 11 नॉटिकल मील उत्तर में हुई। जहाज के मास्टर ने निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल दिया। मामले की जांच की जा रही है। UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को बेहद सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जयशंकर ने भी जताई थी चिंता
वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा विदेश मंत्री एस जयशंकर भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि समुद्री क्षेत्र में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और खाड़ी से लेकर लाल सागर तथा काला सागर तक वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमले चिंता का विषय हैं।
जयशंकर ने कहा था कि भारतीय नाविकों समेत कई देशों के लोगों ने इन हमलों में अपनी जान गंवाई है और ऐसी घटनाएं पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि भारत ने लाइबेरिया और 23 अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर वाणिज्यिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा और उनके समर्थन में वैश्विक जनमत जुटाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में भागीदारी की है।