भारतवंशी नवनेथेम पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में की मदद, राष्ट्रपति ट्रंप को निराशा हाथ लगी

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Fri, 09 Oct 2026 03:29 PM
भारतवंशी नवनेथेम पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में की मदद, राष्ट्रपति ट्रंप को निराशा हाथ लगी
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नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनेथेम ‘नावी’ पिल्लै को देने का ऐलान किया है।

उन्हें दुनिया में शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की कोशिशों के लिए यह सम्मान दिया जाएगा।
भारतीय मूल कि नवी पिल्लई को इस वर्ष का शांति का नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया। नवी पिल्लई जी का परिवार मूलतः भारत के तमिलनाडु राज्य से है।

इधर नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है और यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज मानवाधिकार रक्षक और अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीश नवी पिल्ले NaviPillay को अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है!

जानते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शांति का नोबेल पुरस्कार चाहते थे यह उनका दूसरा प्रयास था लेकिन उनके कई तर्क देने के बाद भी उन्हें इस बार भी निराशा हाथ लगी और नोबेल का शांति पुरस्कार भारतीय मूल की महिला को दे दिया गया।

जानते चले कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार पाने के लिए दावा किया था, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनका तर्क है कि वे विश्व के आठ युद्ध को रोकने में सफल रहे इसलिए उन्हें शांति का नोबेल प्राइज मिलना चाहिए।

नोबेल समिति ने पुरस्कार किसी राजनीतिक स्वार्थ या अमेरिकी राष्ट्रपति की सनक को देने के बजाय कानून, न्याय और मानवाधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाली नवी पिल्ले को चुनकर दुनिया को यह साफ संदेश दिया है कि शांति का सम्मान सिद्धांतों से मिलता है, चापलूसी से नहीं।

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