मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने हमले से पहले बॉलीवुड के कई सितारों के घरों की रेकी की थी। इसके लिए वे गूगल से पते हासिल करते थे और ऑटो-रिक्शा चालकों को करीब एक हजार रुपये देकर संबंधित जगहों तक पहुंचते थे।
जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि आरोपियों ने किन हस्तियों के घरों की निगरानी की थी और इस दौरान कौन-सी जानकारियां जुटाई थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों का कथित हमले की योजना से क्या संबंध था।
मामले में संगठित अपराध से जुड़ी धारा जोड़ी गई
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी जोड़ी है, जो संगठित अपराध से संबंधित है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, उनके संपर्कों और कथित आपराधिक साजिश की जांच कर रही है।
इस मामले में कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
क्या है टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला?
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बाइक सवार तीन हमलावरों ने अभिनेता की कार पर कई गोलियां चलाई थीं। घटना में टाइगर श्रॉफ को चोट नहीं आई, लेकिन उनका ड्राइवर और वहां से गुजर रहा एक राहगीर घायल हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। फिलहाल, आरोपियों के बयानों और कथित रेकी से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।