भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि तूफान के जमीन की ओर बढ़ने के दौरान हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। हवा के झोंकों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। आईएमडी ने मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन होने की आशंका है। मौसम विभाग ने संबंधित प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। बारगढ़, सुबरनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 29 अक्टूबर के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बारगढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।
चक्रवात कमजोर होकर गंभीर तूफान में बदला
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, “संकेत मिलता है कि लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई है और तूफान का केंद्रीय हिस्सा पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है।” आईएमडी के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस दौरान हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।
अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले छह घंटों में यह चक्रवाती तूफान में और उसके बाद छह घंटों के दौरान गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। आईएमडी के अनुसार, यह सिस्टम दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों से गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। इसके बाहरी हिस्सों के प्रभाव से कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा में अलर्ट, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओडिशा सरकार ने बुधवार को 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य के पूरे दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि चक्रवात से दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें मलकानगिरी पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।
पुजारी ने कहा, “चक्रवात फिलहाल आंध्र प्रदेश में है और दोपहर बाद ओडिशा पहुंचेगा।” उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव कर्मियों के साथ जरूरी उपकरण तैनात किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों पर है। इन जिलों के निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।