Electric Ray इलेक्ट्रिक शॉक देकर शिकार करने वाली नई मछली की खोज, अरब सागर में वैज्ञानिकों की नई खोज, भारतीय नाम दिया ‘टेट्रोनार्से रमणमूर्ति’

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Thu, 29 Oct 2026 03:35 PM
Electric Ray इलेक्ट्रिक शॉक देकर शिकार करने वाली नई  मछली की खोज, अरब सागर में वैज्ञानिकों की नई खोज, भारतीय नाम दिया ‘टेट्रोनार्से रमणमूर्ति’
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अरब सागर में इलेक्ट्रिक रे (electric ray) की एक नई प्रजाति खोजी गई है, जिसका नाम ‘टेट्रोनार्से रमणमूर्ति’ (Tetronarce Ramanamurthy) रखा गया है। इलेक्ट्रिक रे का शरीर गोल और मोटा होता है, और इनकी पूंछ छोटी होती है। इनका आकार आमतौर पर छोटा से मध्यम होता है। ये मंटा रे (manta ray) की तुलना में काफी छोटी होती हैं।

जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) के अनुसार, उत्तरी हिंद महासागर में दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के गहरे पानी में इलेक्ट्रिक रे मछली की एक नई प्रजाति खोजी गई है। उत्तरी हिंद महासागर में ‘टेट्रोनार्से’ (Tetronarce) जीनस का यह पहला पुष्ट रिकॉर्ड है। इससे भारत के गहरे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की उस जैव विविधता पर प्रकाश पड़ता है, जिसके बारे में अभी तक बहुत कम जानकारी थी। इलेक्ट्रिक रे, अपनी बड़ी रिश्तेदार ‘मांटा रे’ की तरह ही, कार्टिलेज (उपास्थि) से बनी मछलियाँ होती हैं। ये धीमी गति से चलने वाली मछलियाँ हैं जो समुद्र की रेतीली या कीचड़ वाली तलहटी में रहती हैं। ये मछलियाँ अपने शिकार को बेहोश करने और खतरों से बचने के लिए 8 से 220 वोल्ट तक का इलेक्ट्रिक शॉक पैदा कर सकती हैं।

यह खोज पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ‘डीप ओशन मिशन’ परियोजना के तहत किए गए एक शोध का हिस्सा है। इसे अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण जर्नल ‘ज़ूटैक्सा’ (Zootaxa) में प्रकाशित किया गया है। शोध दल ने एक बयान में कहा, “गहरे समुद्र के समुद्री आवासों का अध्ययन करना सबसे कठिन पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है।”

हाल ही में खोजी गई इलेक्ट्रिक रे (electric ray) में कई अनोखी शारीरिक और आनुवंशिक विशेषताएं हैं.

इसकी पीठ का रंग गहरा नीला-काला या गहरा भूरा है; इसके श्वसन छिद्रों (spiracles) के आसपास कोई उभार (papillae) नहीं हैं; इसकी डिस्क (शरीर का मुख्य हिस्सा) लंबाई की तुलना में अधिक चौड़ी है; इसमें अपेक्षाकृत बड़े एंडोलिम्फैटिक छिद्र (endolymphatic pores) हैं और छोटे इलेक्ट्रिक अंग हैं। इसमें कुल 99 कशेरुकाएं (vertebrae) हैं।

इलेक्ट्रिक रे का शरीर गोल और मोटा होता है, और इनकी पूंछ छोटी व मोटी होती है। इनका आकार आमतौर पर छोटा से मध्यम होता है। ये ‘मांटा रे’ (manta rays) की तुलना में बहुत छोटी होती हैं; मांटा रे का फैलाव (wingspan) 29 फीट तक हो सकता है और उनका वजन हजारों पाउंड हो सकता है।

माइटोकॉन्ड्रियल COI और ND2 जीनों की DNA सीक्वेंसिंग से एक अलग विकासवादी वंशावली (evolutionary lineage) की पुष्टि हुई है।इस प्रजाति का नाम ‘टेट्रोनार्से रमणमूर्ति’ (Tetronarce Ramanamurthy) रखा गया है। यह नाम पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के ‘डीप ओशन मिशन’ के मिशन निदेशक डॉ. एम. वी. रमण मूर्ति के सम्मान में रखा गया है।

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