ओडिशा सरकार चक्रवात अर्नब के कारण भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित गंजाम जिले के करीब 300 गांवों में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। गर्ग ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा द्रुत कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं। राज्य सरकार ने पहले चरण में 120 लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की योजना बनाई है। हालांकि, कम ऊंचाई पर बादल छाए रहने और लगातार बारिश के कारण अभियान में देरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में है और भारतीय तटरक्षक बल बचाव अभियान के लिए एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराएगा। गर्ग ने कहा, “हमें उम्मीद है कि बारिश कम होगी, जिससे बचाव दल प्रभावित लोगों तक पहुंच सकेंगे।” उन्होंने बताया कि ओडीआरएएफ की एक अतिरिक्त टीम गंजाम भेजी गई है और एक वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गंजाम का सोराडा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। पिछले तीन दिनों से हो रही अत्यधिक भारी बारिश के कारण रुशिकुल्या नदी उफान पर है, जिससे आसपास के कस्बों और गांवों में पानी भर गया है। आस्का में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। दिगपहांडी प्रखंड में भी लगातार बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। राज्य के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि बाढ़ में फंसे अधिकतर लोग सनाखेमुंडी और आस्का प्रखंडों के गांवों में हैं।
इस बीच, भारी बारिश के कारण पड़ोसी आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेल सेवाएं भी बाधित हुई हैं। गर्ग ने बताया कि वहां एक रेलवे पुल पानी में डूब गया है, जिससे दोनों ओर से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है। अधिकारियों की योजना फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से निकालने की है। ऐसा संभव नहीं होने पर उन्हें आसपास के रेलवे स्टेशनों पर ठहराया जाएगा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए ओडिशा को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। माझी ने बताया कि उन्होंने शाह को प्रभावित जिलों की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत एवं बहाली कार्यों की जानकारी दी है।