कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कांग्रेस की सभी पांच चुनावी गारंटी को लागू करने का फैसला किया, समय सीमा तय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 02 Jun 2023 10:09 PM
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कांग्रेस की सभी पांच चुनावी गारंटी को लागू करने का फैसला किया, समय सीमा तय
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बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की पांच गारंटी को बिना किसी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव के लागू करने का फैसला किया है और इस वित्त वर्ष के भीतर योजनाओं को शुरू करने के लिए एक समयसीमा तय की गई है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जो कहती है वह करती है.
मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने वाले सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने पांच गारंटी और उसके क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत चर्चा की और निर्णय पर पहुंचा. हालांकि, उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि पांच गारंटी योजनाओं को लागू करने से सरकारी खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस बारे में विवरण बाद में साझा करूंगा.’’ उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इसे एक ‘‘ऐतिहासिक दिन’’ बताया क्योंकि कांग्रेस नीत सरकार चुनावी गारंटी को पूरा करने जा रही है, और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक समयसीमा तय की है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस जो कहती है वो करती है, भाजपा जैसे खोखले वादे नहीं करती. कर्नाटक में पांच गारंटी लागू हो गईं. गृह ज्योति: 200 यूनिट मुफ्त बिजली. गृह लक्ष्मी: महिलाओं को 2000 रुपये, अन्न भाग्य: गरीबों को 10 किलो चावल, युवा निधि: स्रातक उतीर्ण बेराजगार युवाओं को 3000 रुपये, शक्ति: महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा.’’ विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस ने सत्ता में आने पर सभी घरों (गृह ज्योति) को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हर परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2,000 रुपये मासिक सहायता, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार (अन्न भाग्य) के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम मुफ्त चावल का वादा किया था. इसके अलावा, बेरोजगार स्रातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (दोनों 18-25 आयु वर्ग में) को दो साल के लिए 1,500 रुपये (युवा निधि) और सार्वजनिक परिवहन बसों (शक्ति) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का भी वादा किया गया था.

सिद्धरमैया ने कहा कि हर घर को प्रति माह 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गृह ज्योति योजना एक जुलाई से लागू की जाएगी. हालांकि, योजना का फायदा उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बकाया राशि का भुगतान करना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत, सरकार एक साल के औसत बिजली खपत को ध्यान में रखेगी और औसत उपयोग से 10 प्रतिशत अधिक मुफ्त बिजली देगी.
उन्होंने कहा, ‘‘यह दुरुपयोग से बचने के लिए है. किसी का बिजली खर्च 12 महीने में 70 यूनिट प्रति माह को पार नहीं किया, क्या वह अचानक 150 या 200 यूनिट का इस्तेमाल कर सकता है. क्या ऐसा हो सकता है? इसलिए हम औसत तय करने का फैसला किया.’’ शिवकुमार ने कहा कि 200 यूनिट की सीमा है.

यह योजना 200 यूनिट से कम का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू होगी, यह उल्लेख करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि पिछली खपत से असामान्य वृद्धि होती है, तो उपभोक्ता को अंतर का भुगतान करना होगा. अधिकारी ने कहा, ‘‘जो भी (उपभोक्ता का) खपत का पिछला स्तर है, उसके बिल की भरपाई उतनी सीमा तक की जाएगी, बशर्ते कि वह प्रति माह 200 यूनिट खपत के भीतर हो. तो उसे जीरो बिल मिलेगा और भुगतान नहीं करना पड़ेगा. यदि असामान्य वृद्धि होती है, तो अंतर का भुगतान करना पड़ेगा.’’ परिवार की महिला मुखिया को प्रति माह 2,000 रुपये प्रदान करने के लिए गृह लक्ष्मी योजना के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 15 अगस्त से लागू किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि इसके लिए आवेदन 15 जून से 15 जुलाई तक जमा किया जा सकता है और जो आवेदक इस योजना के तहत लाभार्थी बनना चाहते हैं उन्हें अपने आवेदन के साथ अपना आधार और बैंक खाता विवरण जमा करना होगा. आवेदन आॅनलाइन भी किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना बीपीएल और एपीएल कार्ड धारकों दोनों के लिए लागू होगी. उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा.

सिद्धरमैया ने यह भी घोषणा की कि अन्न भाग्य योजना के तहत एक जुलाई से बीपीएल परिवार के प्रत्येक सदस्य और अंत्योदय कार्ड धारकों को 10 किलो अनाज दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना एक जुलाई से शुरू की जाएगी क्योंकि जून महीने के लिए खाद्यान्न पहले ही भेज दिया गया है और अतिरिक्त खाद्यान्न की खरीद की जानी है.’’ सिद्धरमैया ने कहा कि शक्ति योजना के तहत एक जून से कर्नाटक में एसी, लग्जरी बसों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) और कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) बसों में छात्रों सहित सभी वर्गों की सभी महिलाएं राज्य के भीतर मुफ्त यात्रा कर सकती हैं…इस योजना के तहत महिलाएं 94 प्रतिशत बसों की सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं.’’

उन्होंने कहा कि केएसआरटीसी पुरुषों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करेगी और शेष महिलाओं के लिए निर्धारित होगी. महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा पर मजाकिया अंदाज में सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘मेरी पत्नी के लिए भी बस की यात्रा निशुल्क है.’’ सिद्धरमैया ने कहा कि युवानिधि योजना के तहत, 2022-23 में स्रातक करने वाले बेरोजगार युवाओं को पंजीकरण की तारीख से 24 महीने के लिए 3,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये की बेरोजगारी भत्ता प्रदान किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस बीच लाभार्थी को कोई काम मिल गया तो योजना के तहत मदद बंद कर दी जाएगी. नयी सरकार पर विपक्षी दलों और राज्य के विभिन्न वर्गों के लोगों का दबाव बढ़ रहा था कि वह अपनी पांच गारंटी को पूरा करे, जैसा कि चुनाव से पहले वादा किया गया था. वे योजनाओं को लागू करने में देरी पर सवाल उठा रहे हैं.

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