ट्रेन हादसे के बाद स्कूल के बच्चों के मन में दहशत, आज बुलडोजर चलाकर बिल्डिंग को गिराया गया…

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Fri, 09 Jun 2023 02:37 PM
ट्रेन हादसे के बाद स्कूल के बच्चों के मन में दहशत, आज बुलडोजर चलाकर बिल्डिंग को गिराया गया…
ऑडियो सुनें

बालासोर: बाहानगा में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे के बाद जिस बाहानगा हाईस्कूल में सैकड़ों यात्रियों के शव रखे गए थे, उसे आज बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधन समिति की मौजूदगी में आज सुबह बुलडोजर की मदद से स्कूल के पांच क्‍लास रूम एवं एक हाॅल को ध्वस्त किया गया है।

अब जब तक नए क्‍लास रूम का निर्माण नहीं कर लिया जाता, तब तक इन कक्षाओं के बच्‍चों को अन्‍य कक्षाओं में पढ़ाए जाने की व्यवस्था करने की जानकारी स्कूल के प्रधानाचार्य ने दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सरकार और जिला प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि रेल हादसे के बाद स्कूल में बड़ी तादात में शव रखे गए थे, जिससे बच्चों के मन में डर का माहौल होने की बात सामने आ रही थी।

पहले इस विद्यालय में पूजा पाठ कराने एवं बच्चों को आध्यात्मिक शिक्षा देने पर मंत्रणा चल रही थी, मगर इस पर बात नहीं बनी और स्कूल प्रबंधन समिति ने जिला प्रशासन से स्कूल के कुछ कमरों को ध्वस्त करने का अनुरोध किया। जिला प्रशासन ने इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दी। इसके बाद राज्य सरकार ने स्कूल की बिल्डिंग को ध्वस्त करने का निर्णय लिया।

बालेश्वर जिला कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा है कि बाहानगा हाईस्कूल को लेकर छात्र-छात्राएं, स्थानीय लोग एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के मन में भय का माहौल बना हुआ था। दिन के समय में भी लोग वहां अकेले जाने से डर रहे थे। हालांकि, स्कूल परिसर को दमकल विभाग ने पूरी तरह से साफ किया था।

जहां पर खून के छींटे लगे थे, ब्लीचिंग, फिनायल डालकर उन जगहों की भी अच्‍छे से सफाई की गई थी। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ छात्रा-छात्राओं एवं स्कूल के शिक्षकों के मन से डर नहीं जा रहा है। ऐसे में जिन कक्षाओं में शव रखे गए थे, उन्‍हें तोड़कर वहां पर नई बिल्डिंग बनाने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी बालेश्वर के जिलाधीश ने दी है।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Nandkishoryadav