चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में सतर्कता बरतने के निर्देश

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 27 Oct 2026 03:00 PM
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में सतर्कता बरतने के निर्देश
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बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के छत्तीसगढ़ में संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के राज्य में संभावित प्रभाव को देखते हुए सरकार ने सोमवार को मंत्रालय के महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि राज्य के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ंिपगुआ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 27 से 29 अक्टूबर के बीच चक्रवात के संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चक्रवात से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया कि चक्रवात के कारण कोई जनहानि नहीं हो। इसके तहत विशेष रूप से दक्षिण बस्तर क्षेत्र के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है, जहां तेज हवाएं चलने की संभावना है। राहत शिविरों को 24 घंटे खुला रखने और उनमें सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सा सेवाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। बैठक में किसानों को फसलों से संबंधित विस्तृत परामर्श जारी करने और चक्रवात से फसलों तथा पशुधन को होने वाले नुकसान को कम से कम करने के उपाय करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को निर्धारित स्थानों पर पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बैठक में कहा कि तेज हवाओं से कच्चे मकानों को होने वाले संभावित नुकसान का आकलन किया जाए और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

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