नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कुनो में चीतों की मौत के लिए प्राकृतिक कारणों को जिम्मेदार बताने वाली राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की टिप्पणी को राजनीतिक करार देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि यह सब प्रबंधन की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए था. उन्होंने यह दावा भी किया कि संभवत: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हस्तक्षेप के कारण एनटीसीए द्वारा यह बयान दिया गया है. एनटीसीए के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, चीतों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है.
रमेश ने ट्वीट किया, “हमारा अनुमान है कि प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप किया होगा और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से यह बयान जारी करवाया होगा कि कुनो में हुई सभी आठ चीतों की मौत के लिए ‘प्राकृतिक’ कारण जिम्मेदार हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, “यह बयान स्पष्ट रूप से राजनीतिक है, जिसका उद्देश्य प्रबंधन की विफलताओं पर पर्दा डालना और परिरक्षण विज्ञान का मजाक उड़ाना है.”
अफ्रीका से लाए गए नर चीता सूरज की गत शुक्रवार को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में मौत हो गई. वन अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इस साल मार्च से श्योपुर जिले के पार्क में मरने वाले चीतों की संख्या आठ हो गई है. कुछ दिन पहले ही पार्क में अफ्रीका से लाए गए नर चीते तेजस की मौत हो गयी थी.