दुष्कर्म के आरोपी अधिकारी, पत्नी ने गिरफ्तारी से ठीक पहले भागने की कोशिश की थी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 22 Aug 2023 08:42 PM
दुष्कर्म के आरोपी अधिकारी, पत्नी ने गिरफ्तारी से ठीक पहले भागने की कोशिश की थी
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नयी दिल्ली. एक नाबालिग लड़की से बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने का आरोपी दिल्ली सरकार का अधिकारी अपनी पत्नी के साथ भागने की कोशिश करते हुए सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरों में नजर आया. इसके कुछ ही देर बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि प्रेमोदय खाखा और उनकी पत्नी सीमा रानी एक वकील से मिलने जा रहे थे और अदालत से अग्रिम जमानत लेने की योजना बना रहे थे, इससे पहले ही उन्हें सोमवार को उनके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. इस संबंध में 13 अगस्त को दर्ज मामले में गिरफ्तार होने से कुछ समय पहले खाखा को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश के बाद महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग में उप निदेशक के पद से निलंबित कर दिया गया था.

पुलिस ने कहा कि दोनों बुराड़ी इलाके के शक्ति एन्क्लेव के निवासी हैं. पुलिस ने बताया कि पीड़िता एक अक्टूबर, 2020 को आरोपी के पिता के निधन के बाद से आरोपी के घर पर रह रही थी. आरोपी एक पारिवारिक मित्र था, जिसे वह ‘मामा’ कहती थी. उन्होंने बताया कि एक पूर्व-कैडर (एक्स कैडर) अधिकारी आरोपी ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कथित तौर पर लड़की से कई बार बलात्कार किया था. उन्होंने कहा कि उसकी पत्नी पर लड़की को गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए दवा देने का भी आरोप लगाया गया है.
पूर्व कैडर अधिकारी, कैडर पद के समान रैंक का एक अस्थायी पद रखने वाला अफसर होता है.

इस बीच, दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को यहां सेंट स्टीफंस अस्पताल में अपना धरना समाप्त कर दिया, जहां वह नाबालिग लड़की से मिलने गई थीं. मालीवाल यह दावा करते हुए सोमवार सुबह धरने पर बैठ गई थीं कि उन्हें लड़की से मिलने से रोका गया. वह मंगलवार दोपहर अस्पताल से चली गईं और पीड़िता से नहीं मिल सकीं. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की की मां किसी से मिलना नहीं चाहती, क्योंकि पीड़िता अब भी अस्पताल में निगरानी में है.

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि सीमा रानी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि खाखा को मंगलवार को अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

मालीवाल ने शाह को लिखा पत्र, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता से मिलने देने की अनुमति मांगी
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अनुरोध किया कि वह दिल्ली पुलिस को उन्हें दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग से मुलाकात करने की अनुमति देने का निर्देश दें. आरोप है कि दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया है. इस बीच, अदालत ने आरोपी अधिकारी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

शाह को लिखे पत्र में मालीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री से अपील की कि वह आरोपी की गिरफ्तारी में हुई कथित देरी की जांच का आदेश दें और पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) में स्थानांतरित करने का निर्देश दें. पुलिस के मुताबिक, दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक प्रेमोदय खाखा ने नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच लड़की के साथ कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया, जिससे वह गर्भवती हो गई.

पुलिस के अनुसार, खाखा की पत्नी सीमा रानी ने पीड़िता को कथित तौर पर गर्भ गिराने की दवा दी. खाखा और सीमा रानी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. मालीवाल ने कहा कि पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें पीड़िता और उसकी मां से मिलने से रोका जबकि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष को पीड़िता की मां से बातचीत करने दिया.

पत्र में मालीवाल ने कहा, ” यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 24 घंटे तक अस्पताल के बाहर इंतजार करने और यहां तक वहीं सोने के बावजूद दिल्ली पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने मुझे पीड़िता या उसके परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी. बार-बार अनुरोध करने के बावजूद मुझे पीड़िता और उसके परिवार से मिलने नहीं दिया गया. यह दिल्ली पुलिस और निजी अस्पताल द्वारा किया गया गैरकानूनी कृत्य है.”

मालीवाल यह दावा करते हुए सोमवार सुबह धरने पर बैठ गई थीं कि उन्हें पीड़िता से मिलने से रोका जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और अस्पताल अधिकारी डीसीडब्ल्यू को काम करने से रोकने के लिए ‘अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं.” उन्होंने शाह से अपील की कि वह दिल्ली पुलिस को ‘लड़की या उसकी मां से उनकी मुलाकात की अनुमति देने का निर्देश दे ताकि डीसीडब्ल्यू उनकी मदद कर सके.

मालीवाल ने शाह से कहा कि वह यह पता लगाने के लिए जांच का आदेश दें कि दिल्ली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में देरी क्यों की. उन्होंने पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए तुरंत एम्स स्थानांतरित करने की भी मांग की. डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा, ”अगर पीड़िता या उसका परिवार इलाज के लिए एम्स नहीं जाना चाहते, तो उस परिस्थिति में एम्स के डॉक्टरों की टीम द्वारा पीड़िता की जांच की जानी चाहिए और इलाज की देखरेख करनी चाहिए.”

मालीवाल यह दावा करते हुए सोमवार सुबह धरने पर बैठ गई थीं कि उन्हें पीड़िता से मिलने से रोका जा रहा है. वह मंगलवार दोपहर अस्पताल से चली गईं और पीड़िता से मुलाकात नहीं कर सकीं. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़िता की मां किसी से मिलना नहीं चाहती, क्योंकि उसकी बेटी अस्पताल में अभी भी निगरानी में है.

मालीवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा,” (यदि मैं) मिलने नहीं आती तो (वे) बोलते कि (वह) मिलने नहीं आयी. (मैं) मिलने आयी तो (वे) मिलने नहीं दे रहे और बोल रहे हैं कि (वह) ड्रामा कर रही है. किस हद तक राजनीति गिर चुकी है कि नेताओं की सही को सही बोलने की क्षमता ही ख.त्म हो चुकी है. राजनीति करो, खूब करो पर बेटियों पर नहीं!” दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नाबालिग लड़की से बार-बार दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के आरोपी खाखा को एक दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

लड़की का गर्भपात कराने के लिए दवा देने की आरोपी खाखा की पत्नी सीमा रानी को भी एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दोनों को अलग-अलग ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कत्यायिनी शर्मा खंडवाल की अदालत में पेश किया गया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को मुख्य सचिव को आरोपी अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया था.

आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान उक्त अधिकारी को बगैर पूर्व अनुमति के विभाग के मुख्यालय से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने बताया कि सीमा रानी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

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