उम्मीद है कि अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता देने के भारतीय प्रस्ताव का ब्रिक्स देश समर्थन करेंगे : मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 23 Aug 2023 07:11 PM
उम्मीद है कि अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता देने के भारतीय प्रस्ताव का ब्रिक्स देश समर्थन करेंगे : मोदी
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उम्मीद जताई कि अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता देने के भारत के प्रस्ताव का ब्रिक्स के सभी देश समर्थन करेंगे. जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत अपनी जी-20 अध्यक्षता के तहत ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के मुद्दों को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ दे रहा है.

ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है. ये देश मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं. भारत 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. सभी ब्रिक्स देश जी-20 के स्थायी सदस्य हैं.

मोदी ने कहा, ” हमने अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता देने का प्रस्ताव भी रखा है. मुझे विश्वास है कि सभी ब्रिक्स सहयोगी, जी-20 में भी साथ हैं और सभी हमारे प्रस्ताव का समर्थन करेंगे.” अफ्रीकी संघ (एयू) एक प्रभावशाली संगठन है. अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देश इसके सदस्य हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने जून में जी-20 देशों के नेताओं को पत्र लिखकर नयी दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को समूह की पूर्ण सदस्यता देने पर जोर दिया था. कर्नाटक के हम्पी में 13 से 16 जुलाई तक हुई जी-20 शेरपाओं की तीसरी बैठक में नेताओं के मसौदा घोषणापत्र में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से शामिल किया गया था. पिछले महीने भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने पीटीआई-भाषा को बताया था कि अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को समूह से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है.

मोदी ने अपने संबोधन में जनवरी में भारत द्वारा ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा, ”इस साल जनवरी में आयोजित वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन में 125 देशों ने हिस्सा लिया और अपनी चिंताओं एवं प्राथमिकताओं को साझा किया.” प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स की अध्यक्षता में ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों को विशेष महत्व देने के लिए दक्षिण अफ्रीका की सराहना की.

उन्होंने कहा, ”दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ के देशों को ब्रिक्स में विशेष महत्व दिया गया है. हम इसका तहेदिल से स्वागत करते हैं.” उन्होंने कहा, ”यह न केवल वर्तमान समय की अपेक्षा है, बल्कि जरूरत भी है. भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता में इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.” मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को जोहानिसबर्ग पहुंचे. ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. ये देश दुनिया की 41 फीसदी आबादी, 24 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और 16 फीसदी व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं.

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