आइजोल. मिजोरम के आइजोल जिले में सैरांग इलाके के निकट बुधवार को एक निर्माणाधीन रेलवे पुल के ढह जाने के कारण कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि राजधानी आइजोल से लगभग 21 किलोमीटर दूर सैरांग इलाके में सुबह करीब 10 बजे हुयी इस घटना में तीन अन्य लोग घायल भी हुये हैं.
पूर्वोत्तर राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर पीड़ित संभवत: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के पुकुरिया, इंग्लिश बाजार और मानिकचक के रहने वाले थे. पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) लालबियाकथांगा खियांगते ने बताया, ह्लमलबे से अब तक 16 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि दो अन्य शवों को अभी निकाला जाना है. पांच मजदूरों के लापता होने की खबर है.” अधिकारी ने बताया कि मौके पर बचाव एवं राहत कार्य जारी हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को बचाव अभियान में सहायता के लिए मिजोरम सरकार के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है. रेलवे ने कहा कि यह दुर्घटना एक ‘गैन्ट्री’ (एक प्रकार की क्रेन) के ढहने के कारण हुई. भैरवी-सैरांग नयी रेलवे लाइन परियोजना के तहत 130 पुलों में से एक इस निर्माणाधीन पुल से जुड़ी इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की. उन्होंने कहा, ”मिजोरम में पुल हादसे से दुख हुआ. उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है. प्रार्थना करता हूं कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों. बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जा रही है.”
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.” मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने कहा कि वह घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख और बचाव अभियान में मदद करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आइजोल के निकट सैरांग में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज आज ढह गया. कम से कम 17 मजदूरों की मौत हो गई. बचाव कार्य जारी हैं. इस त्रासदी से बहुत दुखी हूं. मैं सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. बचाव कार्यों में मदद के लिए बड़ी संख्या में सामने आए लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.” इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुल ढहने पर ‘आश्चर्य’ जताया और कहा कि पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा जल्दी ही जाएगी.
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ”मिजोरम में आज निर्माणाधीन रेलवे पुल हादसे के बारे में जानकर सदमे में हूं. इस हादसे में कई मजदूरों की मौत हो गई जिनमें से कुछ हमारे मालदा जिले से थे.” बनर्जी ने कहा, ”अधिकारियों को बचाव/सहायता अभियानों में मदद के लिए मिजोरम प्रशासन के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है. मालदा जिला प्रशासन को शोक संतप्त परिवार तक पहुंचकर हर संभव मदद देने कहा गया है. हम प्रभावित परिवारों के परिजनों को यथाशीघ्र उचित मुआवजा देंगे. संकटग्रस्त लोगों के प्रति एकजुटता और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं. स्थिति पर नजर रखी जा रही है.”
इस बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. उन्होंने मामूली रूप से घायल हुए लोगों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की . झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस घटना पर शोक जताया. सोरेन ने एक्स पर लिखा, ”मिजोरम में सैरांग के पास एक निर्माणाधीन रेलवे पुल के गिरने से श्रमिकों की मौत की दुखद खबर मिली. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकसंतप्त परिजनों को यह दु?ख सहन करने की शक्ति दें. मैं हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”