मुजफ्फरपुर. सनातन धर्म के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने को लेकर सोमवार को एक अदालत में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एक याचिका दायर की गई. मुजफ्फरपुर में एक अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार लाल की अदालत के समक्ष उक्त याचिका दायर की है जिसमें आरोप लगाया गया कि उदयनिधि ने अपनी टिप्पणियों से हिन्दुओं की भावनाओं को चोट पहुंचाई है.
पहले भी कई लोगों के खिलाफ याचिकाएं दायर कर चुके ओझा ने स्टालिन और उनके पुत्र उदयनिधि के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है. अदालत ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 14 सितंबर निर्धारित की है.
उदयनिधि स्टालिन ने पिछले हफ्ते “सनातन धर्म” की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोनवायरस से करते हुए कहा था कि इसे भी “नष्ट” किया जाना चाहिए. इस टिप्पणी पर देश भर के भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई गई थी और उनमें से कुछ नेताओं ने उदयनिधि के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की भी मांग की थी.