नयी दिल्ली/इंदौर/देहरादून. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि ऐसा लगता है कि भारत के प्रति कांग्रेस की घोर नापसंदगी है और विपक्षी गठबंधन ने ”भारत” को नीचा दिखाने के लक्ष्य से इरादतन इसका नाम ”इंडिया” चुना. जी-20 रात्रिभोज के निमंत्रण में राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ कहकर संबोधित किये जाने की खबरों के बीच, शर्मा ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ”रिपब्लिक ऑफ भारत – खुशी और गर्व है कि हमारी सभ्यता अमृत काल की ओर मजबूती से बढ़ रही है.”
इसके करीब, डेढ़ घंटे बाद ‘एक्स’ पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के एक पोस्ट का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा, ”अब मेरी आशंका सही साबित हो गई है. ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी की भारत के प्रति घोर नापसंदगी है. ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को शिकस्त देने के लिए ‘आई.एन.डी.आई. गठबंधन’ (इंडिया) नाम इरादतन चुना गया.” कांग्रेस, ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का हिस्सा है.
‘इंडिया’ शब्द भूल जाना चाहिए, विहिप ने राष्ट्रपति के निमंत्रण पत्र में ‘भारत’ शब्द के प्रयोग पर कहा
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जी20 रात्रिभोज निमंत्रण पत्र में ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल किये जाने की मंगलवार को सराहना की और कहा कि ”हमें ‘इंडिया’ शब्द भूल जाना चाहिए.” इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ”हमें भारत की राष्ट्रपति पर गर्व है.” उन्होंने कहा, ”हमें इंडिया शब्द भूल जाना चाहिए.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा इंडिया के बजाय भारत शब्द के इस्तेमाल की जोरदार पैरोकारी करने के चार दिन बाद यह वाकया सामने आया है.
हमारे देश का नाम भारत है, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए: केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि ‘हमारे देश का नाम भारत है और इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए’.
मंत्री की टिप्पणी विपक्षी दलों के इस आरोप की पृष्ठभूमि में आई है कि सरकार देश का नाम केवल ‘भारत’ करने और ‘इंडिया’ नाम हटाने की योजना बना रही है. जी-20 रात्रिभोज के निमंत्रण में राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ कहकर संबोधित किया गया है और यह निमंत्रण सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है.
चंद्रशेखर ने यहां संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ”हमारा देश भारत है और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए.” इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आता है कि ‘इंडिया’ की बजाय भारत लिखने से क्या हो जाएगा.
हमारे देश का मूल नाम भारत, ”इंडिया” नामकरण अंग्रेजों की देन : पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मंगलवार को कहा कि देश का मूल नाम निर्विवाद तौर पर भारत ही है और ”इंडिया” के रूप में इसका नामकरण अंग्रेजों की देन है. उन्होंने यह बात ऐसे वक्त कही है, जब खबरें सामने आई हैं कि जी-20 के नौ सितंबर को आयोजित रात्रिभोज के निमंत्रण में भारतीय राष्ट्रपति को ”प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह “प्रेसिडेंट ऑफ भारत” के नाम में संबोधित किया गया है.
महाजन (80) ने यहां ”पीटीआई-भाषा” से कहा,”यह बात मेरी समझ में नहीं आती कि भारत और इंडिया के नामों को लेकर विवाद की स्थिति क्यों होनी चाहिए? हमारे देश का नाम मूल भारत ही है. इसके अलावा, इसे हिंदुस्तान भी कहा जाता है.” भाजपा नेता ने कहा,”सिंधु घाटी सभ्यता को अंग्रेजों ने ‘इंडस वैली सिविलाइजेशन’ कहा था. नतीजतन अंग्रेजों ने अपनी समझ से भारत को इंडिया के रूप में संबोधित किया. भारत पर अंग्रेजों के राज के कारण यह शब्द प्रचलन में कायम रहा.” महाजन ने कहा कि भारत को भारत कहे जाने में किसी भी व्यक्ति को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा,”हम भारत के नागरिक के रूप में खुद को भारतवासी ही कहते हैं.” उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष रहने के दौरान जब वह विदेश दौरों पर जाती थीं, तो मजाक में कहती थीं कि अंग्रेजी वर्णक्रम के आधार पर उन्हें आगे की कुर्सी मिलनी चाहिए क्योंकि वह ”बी” शब्द से शुरू होने वाले भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं.
जी20 निमंत्रण पर ‘भारत’ लिखा जाना ‘गुलामी की मानसिकता पर एक और गहरी चोट’ : धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जी20 के रात्रिभोज का निमंत्रण पत्र ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ (भारत के राष्ट्रपति) के नाम से जारी किए जाने का मंगलवार को स्वागत किया और इसे ”गुलामी की मानसिकता पर एक और गहरी चोट” करार दिया . सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर निमंत्रण पत्र की प्रति साझा करते हुए उन्होंने कहा कि निमंत्रण पत्र पर ‘द प्रेसिडेंट आफ भारत’ लिखा जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का क्षण है .
धामी ने लिखा, ”गुलामी की मानसिकता पर एक और गहरी चोट..” उन्होंने लिखा, ” जी 20 शिखर सममेलन के दौरान राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले रात्रि भोज के निमंत्रण पत्र पर ‘द प्रेसिडेंट आफ भारत’ लिखा जाना प्रत्येक देशवासी के लिए गौरव का क्षण है.” जी20 के लिए रात्रिभोज निमंत्रण पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ (भारत की राष्ट्रपति) लिखे जाने पर छिड़े विवाद के बाद धामी ने इसका समर्थन किया.