महिला की मौत के मामले में संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 19 Sep 2023 09:14 PM
महिला की मौत के मामले में संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित
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अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र में इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक महिला की मौत के मामले में प्रशासन ने संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करते हुए ओपीडी, आपातकालीन समेत सारी सेवाओं पर रोक लगा दी है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

इस बीच कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा ने मंगलवार को अमेठी पहुंचकर कहा कि जो दोषी है, उसे दंड मिले लेकिन मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि संजय गांधी अस्पताल वर्षों से जनहित की सेवा में अमेठी में लगा हुआ है और उसको बंद करने का तरीका गलत है.

अमेठी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ अंशुमान सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल के लाइसेंस को जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया है और उन्हें इस बात का मौका दिया गया है कि वार्ड में जो मरीज भर्ती है, उनका समुचित इलाज कर उनकी छुट्टी कर दी जाए. संजय गांधी अस्पताल का संचालन संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा किया जाता है. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी इस ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं, जबकि पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा इसके सदस्य हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने अमेठी के एसीएमओ डॉ राम प्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था जिसकी जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि दिव्या नामक महिला के इलाज में लापरवाही बरती गयी है. अधिकारी ने बताया कि इसके बाद प्रशासन ने संजय गांधी अस्पताल के पंजीकरण को निलंबित कर दिया और ओपीडी सहित सभी सेवाओं पर रोक लगा दी. अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं.

संजय गांधी अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अवधेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है जिस कारण ओपीडी, आपातकालीन सेवा सहित अस्पताल की सारी सेवाएं बंद हो गयी है. शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके पक्ष को नहीं सुना गया और राजनीतिक द्वेष की भावना से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस एक पक्षीय कार्रवाई के खिलाफ वह अदालत का रुख करेंगे.

इसके पहले रविवार को स्­वास्­थ्­य एवं चिकित्­सा शिक्षा महकमा संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लिया था.
उन्होंने सोशल साइट ‘एक्­स’ पर कहा था, ”सीएमओ (मुख्­य चिकित्­सा अधिकारी) अमेठी ने मेरे निर्देश पर संजय गांधी अस्पताल, मुंशीगंज में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत के मामले की तीन सदस्यीय समिति द्वारा तत्काल प्रारंभिक जांच कराई.”

पाठक ने कहा था, ”प्रारंभिक जांच में पाई गई कमियों के आधार पर अस्पताल प्रशासन को क्लीनिकल एक्ट (अधिनियम) के तहत स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है. स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद गुण-दोष के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उक्त अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर उसे सील किए जाने की कार्यवाही भी की जाएगी.” उन्होंने कहा था कि अस्पताल प्रशासन को नये मरीजों को भर्ती न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

रायबरेली से कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पहुंचे, जहां पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की. बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि संजय गांधी अस्पताल वर्षों से जनहित की सेवा में अमेठी में लगा हुआ है, उसको बंद करने का तरीका गलत है.

उन्होंने कहा, ” किसी की गलती का दंड उस व्यक्ति को मिलना चाहिए ना की संस्था को.” किशोरी लाल शर्मा ने कहा, ”इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सामाजिक मुद्दा है . जनहित का कार्य किसी के भी द्वारा किया जाएगा तो हम उसकी तारीफ करते हैं, क्योंकि हम सकारात्मक राजनीति करते हैं, हम नकारात्मक सोच वाली राजनीति नहीं करते हैं.”

उन्होंने कहा, ” इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनना था लेकिन हम बरसों से प्रयासरत हैं. हमको अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया जा रहा है जबकि हमारा अस्पताल मेडिकल कॉलेज बनने की सभी जरूरतों को पूरी करता है.” किशोरी लाल शर्मा ने कहा, “क्यों हमको अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए.” यह अस्पताल 1986 से अमेठी में संचालित था. अमेठी जिले का यह इकलौता 350 बेड का अस्पताल है जहां लगभग 400 कर्मचारी काम करते हैं. अस्पताल में कई पाठ्यक्रम भी चलाए जाते हैं जिनमें 1200 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं.

पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया था कि इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक महिला की मौत के मामले में संजय गांधी अस्पताल के मुख्­य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. मुंशीगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अखंड देव मिश्रा के मुताबिक, परिजनों की तहरीर पर संजय गांधी अस्पताल के सीईओ अवधेश शर्मा, जनरल सर्जन डॉ. मोहम्मद रजा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सिद्दीकी और फिजिशियन डॉ. शुभम द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

मिश्रा के अनुसार, शनिवार शाम अमेठी में 22 वर्षीय महिला का शव अस्पताल के सामने रखकर उसके परिजनों ने धरना दिया था. परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से महिला की मौत हुई. मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक हस्तक्षेप और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परिजनों का धरना रविवार तड़के चार बजे समाप्त हुआ.

ग्रामीणों के मुताबिक, मुंशीगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के राम शाहपुर गांव की रहने वाली दिव्या को पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते उसे संजय गांधी अस्पताल लेकर गए थे. ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने दिव्या की पित्त की थैली में पथरी होने की बात कही और 14 सितंबर को उसे एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देकर ऑपरेशन थियेटर ले गए.

ग्रामीणों के अनुसार, ऑपरेशन से पहले ही दिव्या कोमा में चली गई और जब वह 30 घंटे तक होश में नहीं आई, तब उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया. दिव्या के पति अनुज शुक्ला ने दावा किया कि उसकी पत्नी को अधिक मात्रा में एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और अंतत? मौत हो गई.

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