कुर्मी समाज के आंदोलन की वजह से कई ट्रेन रद्द या उनका मार्ग बदला गया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Sep 2023 07:53 PM
कुर्मी समाज के आंदोलन की वजह से कई ट्रेन रद्द या उनका मार्ग बदला गया
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रांची/भुवनेश्वर. झारखंड और ओडिशा में कुर्मी समाज के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन और नाकेबंदी की वजह से दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) और पूर्वीय तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने बुधवार को कई ट्रेन रद्द कर दीं या उनके मार्गों को बदल दिया जिनमें राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. एसईआर रेलवे ने एक विज्ञप्ति में बताया कि कुल सात ट्रेन रद्द की गई हैं और नौ का मार्ग बदला गया है.

उसमें कहा गया है कि ‘कुर्मी समाज द्वारा किए जा रहे आंदोलन’ की वजह से ट्रेन के मार्गों में बदलाव किया गया है जिनमें पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस और हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस शामिल हैं जबकि हावड़ा-मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस और हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेन को रद्द किया गया है. इस बीच, ईसीओआर ने एक अन्य विज्ञप्ति में बताया कि आज के लिए कई ट्रेन को रद्द या उनके मार्गों में परिवर्तन किया गया है जिनमें भुवनेश्वर-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस शामिल हैं.

इसमें कहा गया है कि कोलकाता उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कुर्मी आदिवासी समाज के आंदोलन को कल रद्द कर दिया गया था लेकिन उसने आज नया मोड़ ले लिया और झारखंड के विभिन्न इलाकों में आंदोलन शुरू हो गया. विज्ञप्ति में कहा गया है कि आंदोलन झारखंड में चक्रधरपुर के पास मनोहरपुर तथा गोमोह और मुरी के पास अन्य स्थानों पर किया जा रहा है.

कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीए शिवज्ञानम की अगुवाई वाली पीठ ने कुर्मी समुदाय द्वारा अनिश्चितकालीन रेल और सड़क नाकेबंदी के आह्वान को मंगलवार को अवैध और असंवैधानिक घोषित किया था. कई कुर्मी संगठनों ने पहले बुधवार से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के नौ स्टेशनों पर आंदोलन की घोषणा की थी. वे समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए, कई आंदोलनकारियों ने मुरी रेलवे स्टेशन तक मार्च किया और रेल की पटरियों पर बैठ गए. चांडिल के अनुमंडल अधिकारी रंजीत लोहरा ने बताया कि पुलिस ने सरायकेला-खरसावां जिले में नीमडीह रेलवे क्रॉसिंग के पास प्रदर्शनकारियों पर तब लाठीचार्ज किया, जब उन्होंने अवरोध लगाने का प्रयास किया.

आदिवासी कुर्मी समाज (एकेएस) के संयोजक हरमोहन महतो ने दावा किया कि उनके एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को नीमडीह में हिरासत में लिया गया है. टोटेमिक कुर्मी विकास मोर्चा (टीकेवीएम) के सदस्य बुधवार सुबह झारखंड के सिंहभूम जिले में घाघरा स्टेशन पर रेल पटरियों पर बैठ गए.

अधिकारियों ने कहा कि रांची के मुरी में सुरक्षार्किमयों ने करीब 500 प्रदर्शनकारियों को स्टेशन से एक निश्चित दूरी पर रोक दिया.
रांची रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) निशांत कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”प्रदर्शनकारियों को ट्रेन की आवाजाही में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है.” एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर मुरी रेलवे स्टेशन के निकट सिली परिक्षेत्र में मंगलवार शाम छह बजे से अगले आदेश तक दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लगा दी है.

ओडिशा से एक रिपोर्ट में कहा गया कि कुर्मी समाज के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मयूरभंज जिले के बारीपदा शहर में भंजनपुर रेलवे स्टेशन पर रेल पटरियों को अवरुद्ध किया लेकिन रेलवे लाइन को खाली करा लिया गया और ट्रेन सेवाएं जल्द बहाल हो गईं. एसईआर ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा था ,”कुर्मी समुदाय द्वारा प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने के मद्देनजर सामान्य ट्रेन सेवाएं तत्काल प्रभाव से बहाल की जाएंगी.”

ईसीओआर ने भी कहा कि उसने तत्काल प्रभाव से सामान्य मार्गों पर ट्रेन चलाने का फैसला किया है, क्योंकि कुर्मी समाज ने आंदोलन ”वापस ले लिया” है. पश्चिम बंगाल में आदिवासी कुर्मी समाज के नेता अजीत महतो ने कहा था कि अनिश्चिकाल के लिए रेल की पटरियों को अवरूद्ध करने के आह्वान को वापस ले लिया गया है, क्योंकि पुलिस हमारे वरिष्ठ नेताओं को परेशान कर रही है. हम 30 सितंबर को पुरुलिया में मिलकर अपने भावी कदम पर निर्णय करेंगे.”

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