नयी दिल्ली/न्यूयॉर्क. कनाडा में बढ.ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से सर्मिथत घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा को देखते हुए भारत ने बुधवार को अपने नागरिकों और वहां की यात्रा पर विचार कर रहे देश के लोगों को ह्लअत्यधिक सावधानीह्व बरतने का परामर्श जारी किया है.
जून में खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ह्लसंभावितह्व संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में गिरावट के बीच विदेश मंत्रालय (एमईए) की तरफ से यह परामर्श आया है. भारत ने मंगलवार को आरोपों को ह्लबेतुकाह्व और ह्लप्रेरितह्व कहकर खारिज कर दिया और इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित करने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.
परामर्श में विदेश मंत्रालय ने कनाडा में भारतीय छात्रों से अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने को कहा.
एमईए ने एक बयान में कहा, ह्लकनाडा में बढ.ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से सर्मिथत घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा को देखते हुए, वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों और यात्रा पर जाने का विचार करने वालों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया जाता है.ह्व इसमें कहा गया है, ह्लहाल ही में, धमकियों के जरिये विशेष रूप से भारतीय राजनयिकों और भारतीय समुदाय के उन वर्गों को निशाना बनाया है जो भारत विरोधी एजेंडे का विरोध करते हैं. इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे कनाडा के उन क्षेत्रों और संभावित स्थानों की यात्रा करने से बचें जहां ऐसी घटनाएं देखी गई हैं.ह्व उत्तरी अमेरिकी देश में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की बढ.ती गतिविधियों के मद्देनजर पिछले कुछ महीनों से भारत-कनाडा संबंधों में तनाव दिखा है. भारत का मानना है कि ट्रूडो सरकार उसकी वास्तविक चिंताओं का समाधान नहीं कर रही है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय उच्चायोग और महावाणिज्य दूतावास कनाडा में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए कनाडाई अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे. परामर्श में कहा गया, ह्लकनाडा में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को देखते हुए, विशेष रूप से भारतीय छात्रों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.ह्व इसमें कहा गया है कि कनाडा में भारतीय नागरिकों और भारत के छात्रों को ओटावा में भारतीय उच्चायोग या टोरंटो और वैंकूवर में भारत के महावाणिज्य दूतावासों के साथ अपनी संबंधित वेबसाइटों के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा.
विदेश मंत्रालय ने कहा, ह्लपंजीकरण से उच्चायोग और महावाणिज्य दूतावास किसी भी आपातकालीन या अप्रिय घटना की स्थिति में कनाडा में भारतीय नागरिकों के साथ बेहतर तरीके से संपर्क करने में सक्षम होंगे.ह्व ट्रूडो ने संसद में कहा था कि जून में निज्जर की हत्या और भारत सरकार के एजेंट के बीच ”संभावित संबंध के पुख्ता आरोपों” की कनाडा की सुरक्षा एजेंसियां पूरी सक्रियता से जांच कर रही हैं. कनाडाई नागरिक निज्जर की दो अज्ञात बंदूकधारियों ने गत 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी.
भारत-कनाडा राजनयिक विवाद पर संसद में चर्चा हो: सुप्रिया सुले
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि भारत और कनाडा के बीच गहराए राजनयिक विवाद पर संसद के वर्तमान विशेष सत्र के दौरान चर्चा कराई जाए. उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया. सुले ने कहा, ”यह केवल पांच दिनों के लिए एक विशेष सत्र है, मैं सरकार से कुछ विषयों पर चर्चा कराने का अनुरोध करती हूं जो आज के विषय की तरह ही प्रासंगिक हैं. एक कनाडा का मुद्दा है, दूसरा महाराष्ट्र, मराठा, धनगर, लिंगायत और मुस्लिम आरक्षण का विषय है.”
ट्रूडो के आरोप बेहद गंभीर, भारत से सहयोग करने की अपील करते हैं: वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी
अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या में भारत की कथित संलिप्तता के बारे में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को ”अत्यंत गंभीर” करार देते हुए कहा कि वाशिंगटन इस मामले की जांच के ओटावा के प्रयासों का समर्थन करता है और साथ ही नयी दिल्ली से इसमें सहयोग करने की अपील करता है.
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के रणनीतिक संचार समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा, ”निश्चित रूप से राष्ट्रपति (जो बाइडन) इन गंभीर आरोपों के प्रति सचेत हैं तथा ये बहुत ही गंभीर आरोप हैं. और हम इसकी जांच के लिए कनाडा के प्रयासों का समर्थन करते हैं.” जॉन किर्बी ने सीएनएन को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ”हमारा मानना है कि इस सिलसिले में पूरी तरह से पारदर्शी व्यापक जांच सही दृष्टिकोण है, ताकि हम सब जान सकें कि वास्तव में क्या हुआ था और निश्चित रूप से, हम भारत को इसमें सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.”
उन्होंने कहा, ”मैं इस जांच की शुचिता को बनाए रखने के लिए यहां जो कुछ भी कहता हूं उसके बारे में सावधान रहूंगा और अंर्तिनहित जानकारी के बारे में बात करने के लिए इसे कनाडा पर छोड़ दूंगा, वे और क्या जानने की कोशिश कर रहे हैं. हम उस प्रक्रिया और उनकी जांच का सम्मान करना चाहते हैं.” इन आरोपों के परिणामों के बारे में पूछे जाने पर किर्बी ने कहा, ”एक सक्रिय जांच चल रही है. हमारा मानना है कि इसे पूरी तरह से पारदर्शी, व्यापक होना चाहिए. हम जानते हैं कि कनाडा के अधिकारी इस दिशा में काम करेंगे.”
सीबीएस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में किर्बी ने कहा, ”ये आरोप गंभीर हैं और हम जानते हैं कि कनाडा के अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं. हम निश्चित रूप से उस जांच से आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि भारत से अमेरिका इस मामले की जांच में सहयोग करने की अपील करता है.