कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस बहाल करने की मांग

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Sep 2023 10:40 PM
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस बहाल करने की मांग
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लखनऊ. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाले ट्रस्ट द्वारा संचालित अमेठी के संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वह लोगों की असुविधा को देखते हुए जनहित में इस निलंबन को रद्द करें.

संजय गांधी अस्पताल संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा संचालित किया जाता है और सोनिया गांधी इसकी अध्यक्ष हैं जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके सदस्य हैं. स्वास्थ्य विभाग ने 22 वर्षीय एक महिला की मौत के मामले में मंगलवार को अमेठी के मुंशीगंज इलाके में स्थित इस अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था और ओपीडी एवं आपातकालीन सेवाएं बंद कर दी थीं.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि अस्पताल पिछले कुछ दशकों से न्यूनतम शुल्क पर और बिना किसी आर्थिक लाभ के आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है. उन्होंने सीएम से जनहित में लाइसेंस निलंबन रद्द करने का अनुरोध करते हुए कहा, “यह अस्पताल अमेठी की जीवन रेखा है. लाइसेंस के निलंबन से ओपीडी, सर्जरी और अन्य विभागों की सेवाओं के लिए आने वाले लाखों लोगों को असुविधा हो रही है.”

रविवार को एक महिला मरीज की मौत के मामले में मुंशीगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत अवधेश शर्मा, जनरल सर्जन डॉक्टर मोहम्मद राजा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर सिद्दीकी और चिकित्सक डॉक्टर शुभम द्विवेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. दिव्या नाम की महिला को पेट में दर्द की शिकायत के बाद 14 सितंबर की सुबह उसके परिवार के लोग उसे संजय गांधी अस्पताल ले गए.

उसके परिवार के लोगों का कहना है कि उसकी जांच करने के बाद डॉक्टर ने उसके पित्ताशय से पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन का सुझाव दिया था. उसी दिन, वह ऑपरेशन से पहले कोमा में चली गई और लखनऊ भेजे जाने से पहले उसे 30 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखा गया.

दिव्या के पति अनुज शुक्ला ने बताया कि उसकी पत्नी की 16 सितंबर की सुबह करीब चार बजे लखनऊ में मौत हो गई. शुक्ला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उसकी पत्नी को दिल का दौरा पड़ा था. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राम प्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मृत मरीज दिव्या के उपचार में लापरवाही बरती गई और अगर विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल पहुंच जाते तो उसे बचाया जा सकता था.

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने रविवार को एक्स पर की गई पोस्ट में कहा ”संजय गांधी हॉस्पिटल में डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला मरीज की मौत के मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए मेरे द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तत्काल तीन सदस्यीय टीम के माध्यम से मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई. जांच में पाई गई कमियों के आधार पर क्लिनिकल एक्ट के तहत स्पष्टीकरण मांगने के लिए अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं.” उन्होंने अस्पताल को लापरवाही में शामिल पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने और उसके परिसर को सील करने की चेतावनी दी थी. बाद में मंगलवार को अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर इमरजेंसी और ओपीडी सेवा पर रोक लगा दी गई .

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