नयी दिल्ली/कोच्चि/कोल्लम. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से जुड़े धन शोधन के एक मामले में केरल में सोमवार को कई स्थानों पर छापे मारे. पुलिस ने बताया कि राज्य के एरणाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है.
उन्होंने बताया कि वायनाड और त्रिशूर जिलों में पूर्व पीएफआई नेताओं अब्दुल समद और लतीफ के घरों पर भी छापे मारे गए. सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन के वित्त पोषण के कथित स्रोत का पता लगाने के लिए छापे मारे गए.
केंद्र सरकार ने 28 सितंबर, 2022 को पीएफआई को गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक ‘गैरकानूनी’ संगठन घोषित किया था और उस पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था. ऐसा समझा जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय कथित आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन के संबंध में जांच कर रहा है.
केरल में सैनिक की कथित तौर पर पिटाई, पीठ पर लिखा गया ‘पीएफआई’
दक्षिणी केरल के कोल्लम जिले में रविवार रात छह लोगों ने कथित तौर पर एक सैनिक की उनके घर के निकट पिटाई की और उनकी पीठ पर हरे रंग से ‘पीएफआई’ लिख दिया. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि कथित घटना रविवार रात यहां कडक्कल में सैनिक के घर के पास उस समय हुई जब वह अपनी बाइक पर घर लौट रहे थे.
पुलिस ने कहा कि सैन्य खुफिया कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और भारतीय सेना के इ
लेक्ट्रॉनिक्स एवं मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) कोर में तैनात सैनिक पर कथित हमले की जांच का निर्देश दिया. पुलिस ने कहा कि कथित घटना केरल निवासी सैनिक की छुट्टी के आखिरी दिन हुई. पुलिस के अनुसार अज्ञात छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना), 147 (दंगा), 153 (दंगा भड़काने के मकसद से उकसाना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 341 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कथित घटना में किसी संगठन की कोई भूमिका है या नहीं. कडक्कल थाने के एक अधिकारी ने कहा कि सैनिक की शिकायत के अनुसार, जब वह अपनी बाइक से लौट रहे थे तो उन्होंने अपने घर के पास कुछ लोगों को खड़े हुए देखा. शिकायत में कहा गया है कि जब उन लोगों पूछा गया कि वे वहां क्यों खड़े हैं, तो उन्होंने कहा कि पास के रबड़ बागान में कोई व्यक्ति नशे की हालत में पड़ा हुआ है और उन्होंने सैनिक से पूछा कि क्या वह उस व्यक्ति को जानते हैं.
अधिकारी ने कहा, “सैनिक ने बताया कि वह उन लोगों के साथ रबड़ बागान चला गया और वहां पहुंचने पर किसी ने उन्हें पीछे से लात मारी और फिर हमलावरों ने उनके हाथ बांधकर पिटाई की. फिर उन्होंने हरे रंग से उनकी पीठ पर पीएफआई लिख दिया.” पीएफआई आम तौर पर ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ संगठन पर पिछले साल केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था.
पुलिस ने बताया कि सैनिक को कोई चोट नहीं आई है. पुलिस के अनुसार सैनिक को आज राजस्थान के जैसलमेर में अपनी यूनिट में लौटना था, लेकिन फिलहाल अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह घर पर आराम कर रहे हैं.