धर्मांतरण रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश क्यों नहीं दें: मद्रास उच्च न्यायालय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 05 May 2022 06:11 PM
धर्मांतरण रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश क्यों नहीं दें: मद्रास उच्च न्यायालय
ऑडियो सुनें

चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सवाल किया कि उसे तमिलनाडु सरकार को राज्य के स्कूलों में धर्मांतरण रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश क्यों नहीं देना चाहिए. न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति एस अनंती की खंडपीठ ने चेन्नई के अधिवक्ता बी जगन्नाथ की एक जनहित याचिका पर आज सुनवाई के दौरान इस आशय की मौखिक टिप्पणी की.

सरकार ने अपनी ओर से कहा कि वह इस तरह के धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करने से हिचकिचाएगी नहीं, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर भी दिया कि याचिका विचार योग्य नहीं है. याचिका में सरकार को प्रभावी दिशानिर्देश तैयार करने और सुधारात्मक उपायों सहित सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया. याचिका के अनुसार इन कदमों में सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों- प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्तर दोनों- में धर्मांतरण और जबरन धर्मांतरण रोकने और प्रतिबंधित करना शामिल है.

इस संबंध में, याचिकाकर्ता ने तंजावुर जिले की एक हालिया घटना का हवाला दिया, जिसमें एक स्कूली छात्रा लावण्या ने कथित तौर पर ईसाई धर्म अपनाने के दबाव के चलते आत्महत्या कर ली. अदालत ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच के आदेश दिए.
याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि कन्याकुमारी जिले के एक सरकारी स्कूल में धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं करने पर एक छात्र को कथित तौर पर घुटने टेकने के लिए मजबूर किया गया. याचिकाकर्ता ने कुछ व्यक्तियों द्वारा धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया.

आज जब याचिका सुनवायी के लिए आयी तो न्यायमूर्ति महादेवन ने पूछा कि स्कूलों में धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सरकार को दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश देने में क्या हर्ज है. न्यायाधीश ने कहा कि किसी भी धर्म को मानने का अधिकार है, लेकिन जबरन धर्म परिवर्तन करने का नहीं.

अतिरिक्त महाधिवक्ता जे रवींद्रन ने याचिका की विचारणीयता पर संदेह जताते हुए न्यायाधीशों से कहा कि जबरन धर्मांतरण की और कोई कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने कहा कि लावण्या और कन्याकुमारी मामलों में उचित कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी. उन्होंने कहा कि याचिका विचार योग्य नहीं है.
पीठ ने मामले पर शुक्रवार को विस्तार से सुनवाई करने का फैसला किया.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu