नयी दिल्ली. कांग्रेस ने देश के चिकित्सा महाविद्यालयों में ‘घोस्ट फैकल्टी’ संबंधी रिपोर्ट को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह तब होता है जब देश के प्रधानमंत्री सुर्खियों के पीछे भागते हैं. राष्ट्रीय आयुर्वज्ञिान आयोग (एनएमसी) ने कहा है कि 2022-23 के दौरान जिन चिकित्सा महाविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, उनमें से अधिकांश में ‘गोस्ट फैकल्टी’ और सीनियर रेजिडेंट (चिकित्सक) पाये गए और एक भी संस्थान 50 फीसदी आवश्यक उपस्थिति के मानक पर खरा नहीं उतरा.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”यह तब होता है जब प्रधानमंत्री क्षण भर की सुर्खियों और आत्म-गौरव के पीछे भागते हैं. यह चौंकाने वाली बात है कि राष्ट्रीय आयुर्वज्ञिान आयोग द्वारा बड़ी धूमधाम से स्वीकृत 246 मेडिकल कॉलेज में से किसी में भी शिक्षक और रेजिडेंट नहीं थे और सभी न्यूनतम 50 प्रतिशत उपस्थिति की आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहे. इसका खुलासा खुद आयोग ने किया है.”
भाजपा की सरकारें महिला विरोधी अपराधों पर कभी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करतीं: कांग्रेस
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राजस्थान सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद सोमवार को पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकारें महिला विरोधी अपराधों के मामलों में जिम्मेदारी और जवाबदेही स्वीकार नहीं करतीं, जबकि उसकी सरकारें न्याय दिलाने के लिए तत्परता से काम करती हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर, उज्जैन और महिला पहलवानों पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर एक शब्द नहीं बोलते, लेकिन चुनाव प्रचार के समय विपक्ष की सरकारों के खिलाफ ‘झूठ’ बोलते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कानून व्यवस्था, महिला अत्याचार सहित अन्य मुद्दों को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पांच साल में कांग्रेस की सरकार ने राजस्थान की साख को तबाह कर दिया है.
उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों को भ्रम में डालकर कांग्रेस ने यहां सरकार तो बना ली लेकिन सरकार चला नहीं पाई. उन्होंने कहा, ”पांच साल राजस्थान में कांग्रेस ने यही किया है. हर भ्रष्टाचारी, गुंडा, दंगाई, अत्याचारी और कांग्रेस का हर नेता खुद को राजस्थान की सरकार मान बैठा है.” रमेश ने प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री मणिपुर पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे. वह उज्जैन का ज.क्रि नहीं करेंगे. वह महिला पहलवानों पर अत्याचार करने वाले अपनी ही पार्टी के सांसद के ख.लिाफ. कार्रवाई नहीं करेंगे. न ही हमारे राष्ट्रीय चैंपियन्स के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई क्रूरता की निंदा करेंगे. लेकिन जब चुनाव प्रचार की बात आएगी, तब वह वही करेंगे जो सबसे अच्छा करते हैं – बेशर्मी से झूठ बोलना.”
उन्होंने कहा, ”हमने सोचा था कि कम से कम गांधी जयंती के दिन प्रधानमंत्री देश को अपने झूठ और तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने एवं बदनाम करने वाली राजनीति से बख्शेंगे.” रमेश ने दावा किया, ”रिकॉर्ड के लिए कांग्रेस पार्टी कभी भी महिलाओं के ख.लिाफ. हिंसा को नज.रअंदाज. नहीं करेगी. राजस्थान सरकार ने सभी मामलों में अत्यंत तत्परता और गंभीरता के साथ न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई की है और आगे भी करेगी. भाजपा सरकारें इसके विपरीत काम करती हैं , कभी भी ज.म्मिेदारी या जवाबदेही स्वीकार नहीं करतीं. यही अंतर है.”