यरुशलम. इज़राइल गाज़ा पट्टी में लगातार हवाई हमले कर रहा है जिससे एक के बाद कई इलाके मलबे में तब्दील हो रहे हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं जबकि अस्पतालों में जरूरी दवाएं खत्म हो रही हैं. वहीं, ईंधन के खत्म होने की वजह से गाज़ा के इकलौते बिजली संयंत्र को बंद करना पड़ा है जिससे लोगों की परेशानी में और इज़ाफा होगा.
गाज़ा पट्टी में शासन करने वाले हमास के हमलों की प्रतिक्रिया में हवाई हमलों की वजह से छोटे से तटीय परिक्षेत्र में मलबे का ढेर लग गया है और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है. हमास द्वारा इज़राइल के तकरीबन 150 लोगों को बंधक बनाए जाने के बावजूद गाजा पर बमबारी जारी है.
चरमपंथी समूह हमास ने शनिवार को इजराइल पर अचानक और भीषण हमले किए. इसके बाद इज़राइल ने फलस्तीनी क्षेत्र में शासन कर रहे हमास के खिलाफ जबर्दस्त जवाबी कार्रवाई का संकल्प लिया. हमास के चरमपंथी इज़राइल पर लगातार रॉकेट दाग रहे हैं. उसने बुधवार को दक्षिणी शहर अश्कलोन पर बड़ी संख्या में रॉकेट दागे.
जंग में अबतक दोनों ओर से कम से कम 2200 लोगों की मौत हो चुकी है और हालात और खराब होने की आशंका है, जिससे गाजा में रहने वाले लोगों की मुश्किलों में इज़ाफा होगा जो पहले से जरूरी वस्तुओं और बिजली की कमी का सामना कर रहे हैं. इज़राइल ने हमले के बाद खाद्य सामग्री, ईंधन, पानी, दवाओं, बिजली और अन्य आपूर्ति को रोकते हुए क्षेत्र की “पूर्ण घेराबंदी” की घोषणा की. गाज़ा पट्टी इजराइल, मिस्र और भूमध्य सागर के बीच 40 किलोमीटर लंबी (25 मील लंबी) भूमि की पट्टी है जहां 23 लाख फलस्तीनी लोग रहते हैं और 2007 से उस पर हमास का शासन है. मिस्र से संपर्क के एक मात्र रास्ते को मंगलवार को इसके (रास्ते के) करीब किए गए हवाई हमलों के बाद बंद कर दिया गया है.
गाजा के ऊर्जा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसके एकमात्र बिजली संयंत्र में ईंधन खत्म हो गया है और इज़राइल की नाकेबंदी की वजह से आपूर्ति नहीं होने के चलते संयंत्र बंद कर दिया गया है. अब इस क्षेत्र को बिजली देने के लिए केवल जेनरेटर ही बचे हैं.
फलस्तीनी लंबे समय से घरों, दफ्तरों और अस्पतालों में बिजली के लिए जेनरेटर पर निर्भर रहते हैं लेकिन गाजा के लिए सभी रास्ते बंद हैं, जिससे उनके लिए ईंधन का आयात करना असंभव है.
वहीं, इज़राइल के हवाई हमलों के मद्देनजर फलस्तीनी लोग संयुक्त राष्ट्र के स्कूलों में शरण ले रहे हैं और सुरक्षित स्थान बहुत कम रह गए हैं. वहीं, सहायता संगठनों ने गाज़ा में मदद पहुंचाने के लिए मानवीय गलियारा बनाने का आग्रह किया है, और आगाह किया है कि अस्पतालों में जख्मी भरे पड़ें हैं और उनके पास जरूरी दवाइयों की कमी हो गई है.
रीमल इलाके में बमबारी में फलस्तीन के तीन पत्रकारों की मौत के बाद गाज़ा के पत्रकार हसन जबर ने कहा, ह्ल गाजा में अभी कोई सुरक्षित जगह नहीं है, आप हर दिन सभ्य लोगों को मारे जाते देखते हैं. मुझे मेरी जान का डर है.ह्व रीमल में हमास की सरकार के कई मंत्रालय और इमारतें हैं. इनके साथ-साथ विश्वविद्यालय, मीडिया संगठनों व सहायता संगठनों के दफ्तर भी हैं.
संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि गाजा में सात अस्पतालों के लिए निर्धारित जरूरी दवाइयां घायलों की बड़ी संख्या की वजह से पहले ही खत्म हो चुकी हैं. चिकित्सा सहायता समूह ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने कहा कि गाजा में उनके दो अस्पतालों में र्सिजकल उपकरण, एंटीबायोटिक, ईंधन और अन्य आपूर्ति खत्म हो रही है.
गाजा में सहायता समूह के मिशन प्रमुख मैथियास कान ने बुधवार को कहा कि एक बार में बड़ी संख्या में मरीज़ों के आने की वजह से तीन हफ्ते चलने वाला आपात भंडार तीन दिन में खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा में सिर्फ तीन दिन का ईंधन बचा है. इजराइल ने आरक्षित सैनिकों की संख्या बढ़ाकर 3,60,000 कर दी और ऐसा लगता है कि वह गाज़ा में ज़मीनी हमला शुरू कर सकता है क्योंकि इज़राइल की सरकार पर हमास को अपदस्थ करने का जबर्दस्त जन दवाब है.
हमास को खत्म करने के लिए लंबे समय तक जमीनी हमले और गाजा पर फिर से कब्जा करने की जरूरत होगी. फिर भी, हमास का इज़राइल द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में भूमिगत रह कर गतिविधियों को अंजाम देने का एक लंबा इतिहास रहा है. इज़राइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने मंगलवार को दक्षिणी सीमा के पास सैनिकों के साथ एक बैठक में कहा, ह्लहम ऐसी स्थिति नहीं बनने देंगे जिसमें इजराइली बच्चों की हत्या की जाए. मैंने हर प्रतिबंध हटा दिया है – जो कोई भी हमसे लड़ेगा हम उसे खत्म कर देंगे और अपने पास मौजूद हर उपाय का उपयोग करेंगे.ह्व हमास के वरिष्ठ अधिकारी बसम नईम ने अमेरिकी समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटिड प्रेस’ से कहा कि मंगलवार देर रात इज़राइल ने हमास की सैन्य इकाई के नेता मोहम्मद ज़इफ के खान युनिस कस्बा स्थित घर पर हमला किया जिसमें उनके पिता, भाई और कम से कम दो अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई.
ज़इफ को कभी भी सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है और वह कहां हैं, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है. इज़राइल की उत्तरी सीमाओं पर भी लेबनान के चरमपंथी और सीरिया के साथ गोलाबारी हुई है जिससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को अन्य देशों और सशस्त्र समूहों को चेतावनी देते हुए युद्ध में शामिल नहीं होने को कहा.
अमेरिका इज़राइल को युद्ध सामग्री और सैन्य उपकरण भेज रहा है और उसने निवारक उपाय के रूप में पूर्वी भूमध्य सागर में एक पोत तैनात किया है. बुधवार को, लेबनानी चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह ने एक इजराइली सैन्य चौकी पर टैंक रोधी मिसाइलें दागीं और सैनिकों को मारने और घायल करने का दावा किया. इज़राइल की सेना ने हमले की पुष्टि की है लेकिन हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. इज़राइल की सेना ने लेबनान के दक्षिणी इलाके में गोलाबारी की है जहां से हमला किया गया था.
इजराइल ने नई रणनीति के तहत नागरिकों को केवल कुछ इमारतों के बजाय पूरे इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी. हमास के अधिकारियों ने कहा कि फलस्तीनियों में हताशा बढ़ गई है. हमास शासित गाजा पट्टी के गृह मंत्रालय ने कहा कि इजरायली हवाई हमलों ने गाजा शहर में पूरे अल-कराम इलाके को तबाह कर दिया है जिसमें “बड़ी संख्या में” लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं.
फलस्तीनी नागरिक सुरक्षा बलों ने मंगलवार को अब्दुल्ला मुसलेह को 30 अन्य लोगों के साथ उनके तहखाने से बाहर निकाला, जब उनके अपार्टमेंट की इमारत हवाई हमलों से नष्ट हो गई थी. गाजा के 46 वर्षीय मुसलेह ने कहा, ह्ल मैं खिलौने बेचता हूं न कि मिसाइल. मैं गाज़ा छोड़ना चाहता हूं. मैं यहां क्यों रहूं? मैंने अपना घर व नौकरी खो दी है.ह्व सेना ने कहा कि मंगलवार की रात चरमपंथियों का एक समूह अश्कलोन में एक औद्योगिक क्षेत्र में घुस गया, जिससे इजराइली सैनिकों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई. तीन चंरमपंथी मारे गए हैं और सैनिक क्षेत्र में अन्य की तलाश कर रहे हैं.
इज़राइली सेना ने कहा कि इज़राइल में 155 सैनिकों सहित 1,200 से अधिक लोग मारे गए हैं. यह संख्या 1973 में मिस्र और सीरिया के साथ हुई जंग में हताहतों की तादाद से ज्यादा है. गाज़ा के अधिकारियों के मुताबिक, वहां पर 1055 लोगों की मौत हुई है. इज़राइल ने कहा है कि हमास के सैकड़ों लड़ाके मृतकों में शामिल हैं. इज़राइल ने कहा कि हमास के करीब 1500 चरमपंथियों के शव इजराइली क्षेत्र में मिले हैं. हालांकि यह साफ नहीं है कि फलस्तीनी अधिकारियों द्वारा बताई गई संख्या में इनकी तादाद शामिल है या नहीं.