मुंबई. महानगर के उपनगरीय बोरिवली में सोमवार दोपहर आठ मंजिला आवासीय इमारत की पहली मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में आग लगने से एक महिला और आठ वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई तथा तीन अन्य महिलाएं झुलस गईं. निगम अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अधिकारियों के अनुसार, आग दोपहर करीब 12:30 बजे वीणा संतूर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की पहली मंजिल के फ्लैट में लगी और उस मंजिल पर अन्य स्थानों तथा बिजली के तारों तक फैल गई. करीब चार घंटे बाद शाम लगभग साढ़े चार बजे आग पर काबू पा लिया गया.
अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फ्लैट में रसोई जलकर खाक हो गयी. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आग पीएनजी के लीक होने या पूजा के दीये के कारण लगी होगी. उन्होंने कहा कि इमारत में स्थापित अग्निशमन प्रणाली काम नहीं कर रही थी जिसे लेकर जांच की जा रही है. आग के कारण छठी मंजिल तक धुएं का गुबार छा गया जिससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी हुई.
अधिकारी ने कहा, “आग और भारी धुएं के कारण, पहली मंजिल पर पड़ोस के फ्लैट प्रभावित हुए. पहली मंजिल के फ्लैट में फर्नीचर और फोम से बनी अन्य सामग्री जलने से निकला काला धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया, जिससे निवासी फंस गए.” आग के चलते जान गंवाने वाली 43 वर्षीय महिला और लड़का चौथी मंजिल पर रहते थे.
अधिकारी ने कहा, “संभवत: गहरे काले धुएं और भीषण गर्मी के कारण वे एक जगह फंस गए थे. वे संभवत: अपने फ्लैट से बाहर निकलने की कोशिश करते समय बेहोश हो गए.” आग की चपेट में आईं तीन महिलाएं तीसरी और चौथी मंजिल पर रहती थीं.
कुल पांच लोगों को झुलसी अवस्था में पास के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया.
अधिकारियों ने कहा, “डॉक्टरों ने ग्लोरी वालफैटी (43) और जोसु जेम्स रॉबर्ट (8) को मृत घोषित कर दिया.” उन्होंने कहा कि आग में झुलसी तीन महिलाओं की पहचान लक्ष्मी बूरा (40), राजेश्वरी भरतरे (24) और रंजन सुबोध शाह (76) के रूप में हुई है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने कहा, “उनका इलाज जारी है. उनमें से भरतरे 100 प्रतिशत, जबकि अन्य 50 प्रतिशत तक झुलस गईं.” वरिष्ठ दमकल अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि आग लगने के सही कारण का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
इस महीने की शुरुआत में, मुंबई के गोरेगांव इलाके में एक आवासीय इमारत में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई थी और 40 से अधिक लोग झुलस गए थे.