रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित तुंगनाथ मंदिर के कपाट बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विस्तृत अनुष्ठान के बाद सर्दियों के लिए बंद कर दिए गए. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने यह जानकारी दी. अजय ने बताया कि ‘मंगला आरती और पूजा’ के बाद मंदिर के कपाट पूर्वाह्न 11 बजे बंद किये गए. उन्होंने बताया कि मंदिर के कपाट बंद होने के अनुष्ठान के दौरान 1500 श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद थे.
तुंगनाथ मंदिर 11 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है और यह हिमालय की गढ.वाल श्रृंखला में अवस्थित पंच केदार मंदिरों में सबसे ऊंचाई पर है. मंदिर के कपाट सर्दियों में बंद रहते हैं क्योंकि पूरा इलाका बर्फ से ढक जाता है. अजय ने बताया कि इस साल मंदिर में 35 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. मंदिर के कपाट बंद होने के बाद बाबा तुंगनाथ (भगवान शिव) के विग्रह को फूलों से सजी पालकी में चोपता लाया गया जहां सर्दियों में उनकी पूजा अर्चना की जाएगी.