दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में, दिवाली से पहले मामूली राहत के आसार…

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Thu, 09 Nov 2023 04:49 PM
दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में, दिवाली से पहले मामूली राहत के आसार…
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नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। हालांकि, मौसम की स्थिति अनुकूल होने की संभावनाओं के मद्देनजर शहर में दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे 420 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार शाम चार बजे यह 426 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा तैयार एक्यूआई मानचित्र में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कई जगहों पर लाल ंिबदू (खतरनाक वायु गुणवत्ता का संकेत) दिखाए गए हैं।

दिल्ली के पड़ोसी शहर गाजियाबाद में एक्यूआई 369, गुरुग्राम में 396, नोएडा में 394, ग्रेटर नोएडा में 450 और फरीदाबाद में 413 दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों के मुताबिक, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाने से निकलने वाले धुएं के योगदान को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, हवा की धीमी गति इस प्रक्रिया पर विपरीत असर डालेगी।

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति मौजूदा समय में लगभग पांच से छह किलोमीटर प्रति घंटे से बढक़र 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे दिवाली से पहले प्रदूषक तत्वों को तितर-बितर करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली के ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को 38 फीसदी प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था। बृहस्पतिवार को शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान 27 फीसदी और शुक्रवार को 12 फीसदी रहने की आशंका है।

आंकड़ों में परिवहन को भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया है, जो दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा हवा में 12 से 14 फीसदी योगदान दे रहा है। वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बुधवार को सभी स्कूलों की दिसंबर की शीतकालीन छुट्टियों को पुर्निनर्धारित कर दिया, जो अब नौ नवंबर से 18 नवंबर तक होगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में शम-विषम कार योजना की प्रभावशीलता की समीक्षा करने और इस संबंध में आदेश जारी करने के बाद क्षेत्र में यह योजना लागू की जाएगी। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

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