नयी दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा सदन में कूदने और डिब्बे (कनस्तर) से धुआं फैलाने वाले कम से कम एक व्यक्ति को पास मुहैया कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रताप सिम्हा को संसद से निष्कासित करने की मांग की. तृणमूल कांग्रेस ने इसी के साथ मामले की तुलना संसद से निष्कासित पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा के मामले से की. संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर हुई इस घटना के बाद कई विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की.
पिछले हफ्ते लोकसभा ने आचार समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित कर दिया था. रिपोर्ट में उन्हें एक कारोबारी से उसके हितों को आगे बढ.ाने के एवज में उपहार और अवैध लाभ लेने का दोषी ठहराया गया था. तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”हमारी सांसद महुआ मोइत्रा को अपने लॉगिन पासवर्ड साझा करके कथित तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन करने के लिए अन्यायपूर्ण तरीके से निष्कासित कर दिया गया था. आज, कर्नाटक के भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने घुसपैठियों को आगंतुक पास जारी करके पूरी संसद की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया.”
तृणमूल ने कहा, ” उन्हें निष्कासित करने से कौन रोक रहा है? उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार क्यों नहीं किया जाना चाहिए? साथी सांसदों की सुरक्षा को खतरे में डालने के बाद उन्हें सांसद बने रहने का क्या अधिकार है?” तृणमूल कांग्रेस के रुख से सहमति व्यक्त करते हुए पार्टी के लोकसभा में नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने भी संबंधित सांसद को निष्कासित करने की मांग की.
घटना को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद बंदोपाध्याय ने कहा, ”महुआ मोइत्रा को एक पासवर्ड को लेकर निष्कासित किया गया, इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा गया. जिस सांसद ने इन लोगों को पास दिया, हमने लोकसभा अध्यक्ष से उस सांसद का नाम बताने को कहा, क्या यह सुरक्षा का सवाल नहीं है? अगर धुआं जहरीला होता तो कई सांसदों को नुकसान पहुंच सकता था. हम देखना चाहते हैं कि क्या होता है.”
पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए सरकार द्वारा लाए गए नए विधेयकों के मुताबिक सुरक्षा उल्लंघन को आतंकवादी गतिविधि के रूप में परिभाषित किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ” जो नये कानून लाये गये हैं उनमें आतंकवादी गतिविधियों की व्यापक परिभाषा है. उसके मुताबिक ये एक आतंकी गतिविधि है, जिसने पास दिया है वो आतंकी गतिविधियों में शामिल है…सिर्फ इसलिए कि वो भाजपा सांसद है, क्या वो बच जाएंगे?” बनर्जी ने कहा, ” महुआ मोइत्रा मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि पासवर्ड साझा करना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता है.” तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा के ‘दोहरे रुख’ की आलोचना की.