अयोध्या में राम मंदिर मार्ग के ऊपर उड़ रहे ड्रोन को पकड़ा गया, पुलिस ने बताई गहरी साजिश

अयोध्या. अयोध्या में मंगलवार को ड्रोन रोधी प्रणाली के परीक्षण के दौरान पुलिस ने राम मंदिर मार्ग पर संदिग्ध हालत में उड़ रहे एक ड्रोन को पकड़ लिया. पुलिस का दावा है कि यह ड्रोन भीड़ में भगदड़ मचाने की एक गहरी साजिश का हिस्सा है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ड्रोन रोधी प्रणाली के परीक्षण के दौरान राम मंदिर मार्ग के ऊपर मंडरा रहे एक संदिग्ध ड्रोन को देखा गया जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे पकड़ लिया. उनके मुताबिक, राम मंदिर के ऊपर और उसके आसपास ड्रोन उड़ाना सख्त मना है.

उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्ते ने ड्रोन कैमरे की गहन जांच करने के बाद पुष्टि की कि सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है. हालांकि पुलिस द्वारा इस सिलसिले में राम जन्मभूमि थाने में दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया है कि वह ड्रोन भीड़ के बीच गिराने के लिए उड़ाया जा रहा था ताकि राम मंदिर में और मंदिर के बाहरी इलाकों में भगदड़ मचाई जा सके और बड़ी संख्या में लोग मारे जाएं.
पुलिस ने प्राथमिकी में कहा है कि यह अयोध्या में बड़ी संख्या में लोगों की जान लेने वाली भगदड़ मचाने की गहरी साजिश थी.
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और 233 (झूठे साक्ष्य का इस्तेमाल करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

हालांकि पुलिस ने घटना के विवरण और आरोपी की पहचान का खुलासा करने से इनकार कर दिया. मगर सूत्रों के अनुसार, कथित साजिशकर्ता की पहचान कर ली गई है और वह हरियाणा के गुड़गांव का रहने वाला है. इस साल की शुरुआत में लखनऊ में एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहली बार 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम का इस्तेमाल किया था. अधिकारी ने कहा कि प्रयागराज में जारी महाकुंभ में इसी एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और देश में गुजरात जैसे कुछ ही राज्यों ने अब तक इसका इस्तेमाल किया है.

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