छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश में भी ईडी का स्वागत है : कांग्रेस

इंदौर. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आशंका जताई कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश में भी पार्टी से जुड़े लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे पड़ सकते हैं, जहां 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर संवैधानिक संस्थाओं को ”चुनावी हथियार” की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए यह बात कही.

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लाम्बा ने इंदौर प्रेस क्लब में कहा,”मौजूदा विधानसभा चुनावों के दौरान ईडी राजस्थान पहुंच चुकी है. छत्तीसगढ़ में पहले से ईडी का काम चल रहा है. अब मध्यप्रदेश में भी ईडी का स्वागत है और हम भाजपा के साथ ही ईडी को भी इस राज्य में शिकस्त देने को तैयार हैं.”

उन्होंने कहा,”हमें बिल्कुल पता है कि मध्यप्रदेश में भी हमारे खिलाफ छापे पड़ने वाले हैं. ईडी ही भाजपा को चुनाव लड़ा रही है.” लाम्बा ने कहा कि भाजपा, ईडी के साथ ही आयकर विभाग, सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो)और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कथित रूप से चुनावी हथियार बनाकर अपने विरोधी दलों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने यह आशंका भी जताई कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों के दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान अड़ंगे लगाकर इन प्रत्याशियों को ”उलझाया” जा सकता है. कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और आम आदमी पार्टी (आप) से हाथ नहीं मिलाया है, जबकि ये तीनों विपक्षी दल ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल हैं. इस बारे में उठ रहे सवालों पर लाम्बा ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन का निर्माण राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए नहीं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए किया गया है.

उन्होंने कहा,”जहां तक मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों का सवाल है, यहां कांग्रेस का भाजपा से सीधा मुकाबला है. सपा,आप और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य तमाम घटक दलों को अपने दम पर राज्य का विधानसभा चुनाव लड़ने की पूरी लोकतांत्रिक आजादी है.” कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर आकार ले रहे मंदिर में उनकी मूर्ति की अगले साल 22 जनवरी को होने वाली प्राण-प्रतिष्ठा का सबको बेसब्री से इंतजार है, लेकिन भाजपा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस स्थल को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रही है. लाम्बा ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के इस अवसर पर देश की मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए.

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