अमेरिका में भारतीय उद्योग समूह एस्सार ग्रुप एक बड़ी स्टील परियोजना शुरू करने की तैयारी में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ओवल ऑफिस में इस परियोजना की घोषणा की। एस्सार ग्रुप की कंपनी मेसाबी मेटालिक्स आयोवा में एक नए स्टील प्लांट का निर्माण करेगी। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक यहां स्टील का उत्पादन शुरू करना है।
ट्रंप ने एस्सार ग्रुप के सह-संस्थापक रवि रुइया और उनके बेटे तथा मेसाबी मेटालिक्स के अध्यक्ष रेवंत रुइया की मौजूदगी में परियोजना का ऐलान किया। व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रस्तावित संयंत्र पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद सालाना करीब 10 लाख टन स्टील का उत्पादन कर सकता है।
आयोवा में बनेगा नया स्टील प्लांट
मेसाबी मेटालिक्स का प्रस्तावित संयंत्र पूर्वी आयोवा में स्थापित किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, परियोजना में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा और इसका लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले स्टील का उत्पादन करना है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, प्लांट में उत्पादन शुरू होने के बाद आयोवा में करीब 1,750 स्थायी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। परियोजना के निर्माण और इससे जुड़ी गतिविधियों से रोजगार का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
मिनेसोटा की खदान से मिलेगा लौह अयस्क
इस स्टील परियोजना के लिए जरूरी लौह अयस्क मिनेसोटा स्थित एक नई खदान से उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने इस खदान के विकास में करीब 2.5 अरब रुपये के निवेश की योजना बताई है।
प्रस्तावित खदान की वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 75 लाख टन लौह अयस्क बताई गई है। इससे मिनेसोटा में लगभग 350 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, यह अमेरिका में लगभग पांच दशक में विकसित होने वाली पहली नई लौह अयस्क खदान होगी।
यह खदान मेसाबी आयरन रेंज क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका लंबे समय से अमेरिकी लौह अयस्क उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और 20वीं सदी में अमेरिका के लौह अयस्क उत्पादन में इसकी बड़ी भूमिका रही है।
आधुनिक तकनीक से होगा उत्पादन
मेसाबी मेटालिक्स के अध्यक्ष रेवंत रुइया ने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि प्लांट को आकार, गुणवत्ता और उत्पादन लागत के मामले में वैश्विक स्टील संयंत्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार किया जाएगा।
व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि इस परियोजना में स्टील का उत्पादन अमेरिका के भीतर ही किया जाएगा। परियोजना को अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और घरेलू स्टील उत्पादन बढ़ाने की व्यापक नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमेरिकी स्टील उद्योग पर ट्रंप का जोर
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी स्टील उद्योग को मजबूत करने के लिए आयात नीति में कई बदलाव किए हैं। इस साल स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया था। प्रशासन का कहना है कि इससे घरेलू उद्योग को प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी।
हालांकि, आयात शुल्क बढ़ने से स्टील का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों की लागत बढ़ने और उसका असर कुछ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले यूएस स्टील के जापानी कंपनी निप्पॉन स्टील द्वारा अधिग्रहण को भी मंजूरी दी थी। इस सौदे को लेकर अमेरिकी राजनीति में पहले अलग-अलग रुख सामने आए थे।
एस्सार ग्रुप का अमेरिका में विस्तार
एस्सार ग्रुप भारत का एक प्रमुख औद्योगिक समूह है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई थी। समूह की गतिविधियां ऊर्जा, खनन, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों तक फैली हैं।
मेसाबी मेटालिक्स के जरिए अमेरिका में खनन और स्टील उत्पादन से जुड़ी इस परियोजना को एस्सार ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित स्टील प्लांट और मिनेसोटा की लौह अयस्क खदान मिलकर कच्चे माल से लेकर तैयार स्टील तक एक एकीकृत उत्पादन श्रृंखला तैयार करने की दिशा में काम करेंगे।