आंध्र रेल दुर्घटना : शुरुआती जांच में रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के चालक दल की चूक सामने आई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 30 Oct 2023 09:05 PM
आंध्र रेल दुर्घटना : शुरुआती जांच में रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के चालक दल की चूक सामने आई
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नयी दिल्ली/विशाखापत्तनम. आंध्र प्रदेश में रविवार रात हुई रेल दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के चालक और सहायक चालक को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, क्योंकि यह ट्रेन नियमों का उल्लंघन करते हुए दो खराब ‘ऑटो सिग्नल’ को पार कर गई थी. दुर्घटना में चालक दल के दोनों सदस्यों की मौत हो गई.

सात विशेषज्ञों द्वारा हस्ताक्षरित प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने दुर्घटना स्थल, उपलब्ध साक्ष्य, संबंधित अधिकारियों के बयान, ‘डेटा लॉगर’ रिपोर्ट और ‘स्पीडोमीटर चार्ट’ की सावधानीपूर्वक जांच की. रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन संख्या 08504) ने विशाखापत्तनम पलासा पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन संख्या 08532) को पीछे से टक्कर मार दी, क्योंकि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के चालक दल ने दो खराब ऑटो सिग्नल को पार कर दिया था.

रिपोर्ट में कहा गया है, ”इसलिए, ट्रेन संख्या 08504 (रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन) के लोको पायलट एस.एम.एस. राव और सहायक लोको पायलट को जिम्मेदार ठहराया गया है.” रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे के नियम के मुताबिक, ट्रेन को खराब ऑटो सिग्नल पर दो मिनट के लिए रुकना चाहिए था और फिर 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिसके कारण यह टक्कर हुई.

इसमें कहा गया है कि कंटकापल्ली-अलमांडा खंड के बीच दो खराब ‘ऑटो सिग्नल’ थे, जहां टक्कर हुई. विशाखापत्तनम पलासा पैसेंजर ट्रेन दोनों सिग्नल पर रुकी और फिर 10 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रतिबंधित गति से आगे बढ़ी. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन ने दोनों खराब सिग्नल पर इन मानदंडों का पालन नहीं किया और प्रतिबंधित गति के साथ चल रही पहली ट्रेन से टकरा गई. आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कंटकापल्ली में हावड़ा-चेन्नई लाइन पर 29 अक्टूबर को शाम 7 बजे रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन ने विशाखापत्तनम पलासा ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक ट्रेन यात्री घायल हो गए.

आंध्र रेल हादसा: मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 14

आंध्र प्रदेश में हावड़ा-चेन्नई रेल लाइन पर रविवार को दो यात्री ट्रेन की टक्कर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 और घायलों की संख्या 50 हो गई है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. संयुक्त जिलाधीश मयूर अशोक ने बताया, ”13 लोगों की मौत दुर्घटनास्थल पर ही हो गयी थी और एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हुई.” पुलिस अधीक्षक एम दीपिका ने बताया कि हादसे में 50 लोग घायल हुए हैं.

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घायलों को विशाखापत्तनम और विजयनगरम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
पलासा पैसेंजर ट्रेन के गार्ड एम एस राव (58) की हादसे में मौत हो गयी है. इसके साथ ही रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट (चालक) एस एम एस राव (52) और उनके सहायक चिरंजीवी (29) की भी मौत हो गयी है.

पूर्व तट रेलवे (ईसीआर) मंडल के वाल्टेयर मंडलीय रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) सौरभ प्रसाद ने गार्ड की मौत की पुष्टि की है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने विजयनगरम में गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में ट्रेन हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की. शिक्षा मंत्री बोचा सत्यनारायण, विजयनगरम की जिलाधिकारी एस नागलक्ष्मी और अन्य अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने उपचार की सुविधाओं का जायजा लिया तथा पीड़ितों से बात की.

पूर्व तट रेलवे (ईसीआर) के अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम सात बजे के आसपास विशाखापत्तनम से लगभग 40 किलोमीटर दूर कांतकपल्ले में पलासा पैसेंजर ट्रेन ने रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसके तीन डिब्बे पटरी से उतर गए.
प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी प्रभावित डिब्बों की जांच की गयी और रेल के इंजन को हटाया गया है ताकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) यह देख सके कि कोई शव बोगी या रेल के इंजन में फंसा तो नहीं है.

डीआरएम ने कहा कि पांच डिब्बों के साथ साथ रेल का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया है. तीन डिब्बे पलासा पैसेंजर ट्रेन के हैं और दो डिब्बे तथा इंजन रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के हैं. उन्होंने बताया कि रेल की पटरियों से अवरोध हटाने का काम भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके तहत दो डिब्बों को हटाया गया है और तीसरे डिब्बे को हटाया जा रहा है. ट्रेन की आवाजाही आज बहाल की जा सकती है.

प्रसाद ने कहा कि दुर्घटना स्थल पर सभी तीन लाइन में बिजली तार , रेलवे विद्युत बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. इस दुर्घटना के बाद पूर्व तट रेलवे (ईसीआर) और दक्षिणी मध्य रेलवे ने कई ट्रेन को रद्द कर दिया या उनका मार्ग परिर्वितत कर दिया गया या उनके समय में परिवर्तन किया गया है.

ईसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बिस्वजीत साहू ने कहा, ”14 यात्रियों की मौत हो गयी. इसमें एक लोको पायलट और एक गार्ड शामिल हैं. करीब 50 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 29 का अब भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. बाकी को मामूली चोटें आयी थीं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. मरम्मत का काम किया जा रहा है और उम्मीद है कि आज शाम तक रेल संचालन बहाल कर दिया जाएगा.” उन्होंने बताया कि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन सिग्नल पर रुकने के बजाय आगे बढ़ गयी थी.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रेड्डी ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को, जान गंवाने वाले राज्य के लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, रेड्डी ने अन्य राज्यों के मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. ईसीआर ने हादसे से जुड़ी जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन स्थापित की है.

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