ईरान से 311 भारतीयों को लेकर एक अन्य उड़ान पहंचा दिल्ली, अबतक 1400 से अधिक लोग निकाले गये

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 22 Jun 2025 11:01 PM
ईरान से 311 भारतीयों को लेकर एक अन्य उड़ान पहंचा दिल्ली, अबतक 1400 से अधिक लोग निकाले गये
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नयी दिल्ली/यरुशलम. ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान एवं इजराइल के बीच बढ़ रहे तनाव के मध्य भारत ने रविवार को ईरान से 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को लाया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी शहर मशहद से विशेष उड़ान से 311 भारतीय दिल्ली पहुंचे हैं. उसने कहा कि इस नये जत्थे के साथ, ईरान से वापस लाये गये लोगों की कुल संख्या अब 1,428 हो गई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 311 भारतीय नागरिक 22 जून को अपराह्न साढ़े चार बजे मशहद से विशेष उड़ान से नयी दिल्ली पहुंचे. उन्होंने कहा कि अब तक कुल 1,428 भारतीय नागरिकों को ईरान से निकाला जा चुका है. भारत ने दोनों देशों के बीच बढ़ती दुश्मनी के मद्देनजर ईरान और इजराइल से भारतीयों को वापस लाने के लिए पिछले सप्ताह ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया था.

एक सप्ताह से अधिक समय पहले शत्रुता शुरू होने के बाद से इजराइल और ईरान ने एक-दूसरे के शहरों तथा सैन्य तथा सामरिक प्रतिष्ठानों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. रविवार सुबह अमेरिका द्वारा ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर बमबारी के बाद तनाव काफी बढ़ गया. भारत ने बुधवार से ईरानी शहर मशहद, अर्मेनियाई राजधानी येरेवन और तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से चार्टर्ड उड़ानों के ज.रिए अपने नागरिकों को निकाला है. ईरान ने मशहद से तीन चार्टर्ड उड़ानों की खातिर शुक्रवार को हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था.

ऑपरेशन सिंधु के तहत 160 भारतीय नागरिकों के पहले जत्थे को इजराइल से निकाला गया
इजराइल और जॉर्डन स्थित भारत के दूतावासों ने इजराइली हवाई क्षेत्र बंद होने और वाणिज्यिक उड़ानें निलंबित होने के बावजूद संयुक्त कोशिश कर रविवार को ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत 160 भारतीय नागरिकों के पहले जत्थे को बाहर निकाला. दूतावास के सूत्रों ने यह जानकारी दी.

भारतीय मिशन ने इजराइल से लोगों के पहले जत्थे को निकाला क्योंकि यहां रहने वाले भारतीय नागरिक लगातार सायरन की आवाजों से जूझ रहे थे. इजराइल में भारतीय नागरिक ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन से बचने के लिए अक्सर बंकरों और सुरक्षित कमरों में शरण ले रहे थे. दूतावास के सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”पहले जत्थे में कुल 160 भारतीय जॉर्डन की सीमा पर पहुंच चुके हैं.” ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर भारत ने वहां से भारतीयों को वापस लाने के लिए पिछले सप्ताह ऑपरेशन सिंधु शुरू किया था.

सूत्र ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने पिछले सप्ताह निकासी प्रयासों के सभी पहलुओं पर निगरानी रखने के लिए 24 घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया. उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष ने भारतीय नागरिकों को एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया और पूरे इजराइल में भारतीय नागरिकों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया. सूत्र ने कहा, ”चिकित्सा आपात स्थितियों, छोटे बच्चों, महिलाओं और छात्रों की उपस्थिति के आधार पर निकासी की प्राथमिकताएं निर्धारित की गईं. दूतावास के अधिकारियों ने लोगों से फोन और ईमेल के जरिये पंजीकरण कराने वालों से संपर्क किया और यात्रा और विशेष उड़ानों में उनके लिए निर्धारित सीट आदि की जानकारी दी.” उन्होंने बताया कि सरकार के उच्चतम स्तर पर जमीनी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के बारे में सक्रिय रूप से वास्तविक समय पर अद्यतन जानकारी प्राप्त कर रहे हैं.

भारतीय मिशन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ”यह अभियान विदेशों में अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. ऑपरेशन सिंधु, अंतरराष्ट्रीय संकटों में विश्वसनीय ‘प्रथम प्रतिक्रियादाता’ के रूप में भारत के उभरने का एक और प्रमाण है.” सूत्र ने बताया कि पहले जत्थे में निकाले जाने वाले भारतीय नागरिक रविवार सुबह तेल अवीव और हाइफा में निर्धारित स्थानों पर एकत्र हुए और फिर उन्हें सड़क मार्ग से यहां से लगभग 120 किलोमीटर दूर इजराइल-जॉर्डन सीमा पर शेख हुसैन ब्रिज ले जाया गया. उन्होंने बताया कि इजराइल-जॉर्डन सीमा पर आव्रजन और सीमा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, समूह 120 किलोमीटर दूर अम्मान हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ.

हिब्रू विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अरविंद शुक्ला उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें रविवार की सुबह इजराइल से निकाला गया. उन्होंने कहा ”कठिन परिस्थितियों में दूतावास द्वारा सहज और सुनियोजित प्रक्रिया” की प्रशंसा की. शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”मैंने वीजा प्रक्रिया पूरी कर ली है और जॉर्डन की तरफ जा चुका हूं. दूतावास ने हमारी यात्रा को सुविधाजनक बनाने में बहुत मदद की और हमारी अच्छी तरह से देखभाल की गई.” तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि इजराइल और जॉर्डन की सरकारों ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहयोग किया.

इसमें कहा गया है कि जॉर्डन स्थित भारतीय दूतावास ने इजराइल से निकाले गए लोगों की अगवानी की और अम्मान हवाई अड्डे तक उनकी आगे की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए अम्मान से नयी दिल्ली तक विशेष उड़ानों की व्यवस्था की है. आने वाले दिनों में मिस्र से भी कुछ उड़ानें संचालित करने की योजना है, क्योंकि इजराइल के दक्षिण में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं.

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