आसियान : म्यांमा की हिंसा, विवादित दक्षिण चीन सागर से जुड़ी घटनाओं का मुद्दा छाया रहेगा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 04 Sep 2023 07:47 PM
आसियान : म्यांमा की हिंसा, विवादित दक्षिण चीन सागर से जुड़ी घटनाओं का मुद्दा छाया रहेगा
ऑडियो सुनें

जकार्ता. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो की अगुवाई में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेता इस साल जब अपने आखिरी शिखर सम्मेलन के लिए एकत्रित होंगे, तो वे म्यांमा के हिंसक गृह युद्ध, विवादित दक्षिण चीन सागर में नयी घटनाओं और अमेरिका-चीन के बीच लंबे समय से चल रही शत्रुता जैसे मुद्दों से घिरे हुए होंगे, जिसका निकट भविष्य में कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है.

दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ (आसियान) की बैठक इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार से शुरू होगी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन इसमें हिस्सा नहीं लेंगे, जबकि आमतौर पर वह आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेते आए हैं. उनके स्थान पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस इसमें शामिल होंगी.

आसियान के विदेश मंत्री राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन से पहले सोमवार को एकत्रित हुए इंडोनेशिया के राजनीतिक, कानूनी और सुरक्षा मामलों के प्रभारी मंत्री ने क्षेत्र के शीर्ष राजनयिकों से कहा कि ”एक के बाद एक संकट से समुदाय की ताकत को चुनौती दी जा रही है.” उन्होंने कहा कि म्यांमा संकट को हल करने के प्रयासों में प्रगति के अभाव ने ”आसियान पर नकारात्मक चिह्न छोड़ा है” और उन्होंने आगाह किया कि भूराजनीतिक तनाव और प्रतिद्वंद्विता बढ.ने से एक खुला संघर्ष बढ. सकता है जिसका हमारे क्षेत्र को मजबूरन सामना करना पड़ेगा.

इंडोनेशिया की विदेश मंत्री रेत्नो मार्सुडी ने कहा कि म्यांमा में फिर से शांति स्थापित करने में मदद के लिए 2021 में नेताओं द्वारा बनायी गई पांच सूत्री योजना की समीक्षा की जाएगी. मंगलवार को चर्चा के बाद आसियान देशों के नेता बुधवार से बृहस्पतिवार तक एशियाई और पश्चिमी देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठक करेंगे. अमेरिका और चीन तथा उनके सहयोगी देशों ने इस बैठक का इस्तेमाल मुक्त व्यापार, जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक सुरक्षा पर व्यापक बातचीत के लिए किया है. यह उनकी प्रतिद्वंद्विता के लिए युद्ध का मैदान भी बनी है.

चीन के प्रधानमंत्री ली क्यांग के पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साथ-साथ इन बैठकों में भाग लेने की संभावना है. वह अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव से मुलाकात करेंगे. आसियान सम्मेलन में शामिल होने की जगह बाइडन जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत जाएंगे और फिर संबंधों को मजबूत करने के लिए वियतनाम की यात्रा करेंगे.

वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि बाइडन भूराजनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर इस समूह को निचले पायदान पर नहीं धकेल रहे हैं और वह क्षेत्र के साथ अमेरिकी भागीदारी को और मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं. इंडोनेशिया के पूर्व विदेश मंत्री मार्टी नतालेगावा ने बाइडन के आसियान शिखर सम्मेलन में भाग न लेने पर निराशा जताई है और कहा है कि ऐसे कदम आसियान की घटती प्रासंगिकता के लिए और चिंताजनक हैं.

शीतयुद्ध के काल में 1967 में स्थापित आसियान प्रत्येक सदस्य देश के घरेलू मामलों में दखल न देने के सिद्धांत पर अमल करता है. यह सर्वसम्मति से निर्णय लेता है, जिसका मतलब है कि कोई भी सदस्य किसी प्रतिकूल निर्णय या प्रस्ताव को अस्वीकार कर सकता है. इन नियमों ने नये लोकतंत्रों से लेकर रूढि.वादी राजतंत्रों तक को इसकी ओर आर्किषत किया है, लेकिन साथ ही इसने समूह को राज्य प्रायोजित अत्याचारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने से भी रोका है.

अभी ब्रूनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम आसियान के सदस्य हैं.
नतालेगावा ने कहा कि म्यांमा की सैन्य सरकार को मानवाधिकार उल्लंघनों से रोकने में आसियान की विफलता और विवादित दक्षिण चीन सागर में फिलीपीन की एक आपूर्ति नौका को चीनी तटरक्षक बल द्वारा रोके जाने पर उसकी चुप्पी ने इस समूह की प्रासंगिकता पर सवालिया निशान खड़े किए हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu