वायरल बुखार से ठीक होने के बाद कई लोगों को कुछ दिनों तक कमजोरी, थकान, शरीर में दर्द या थोड़ा चलने पर सांस फूलने जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। बुखार उतर जाने का मतलब यह जरूरी नहीं कि शरीर पूरी तरह पहले जैसी सक्रियता के लिए तैयार हो गया है।
बीमारी के दौरान आराम, कम खाना-पीना और शारीरिक गतिविधि घटने से शरीर की ताकत और सहनशक्ति अस्थायी रूप से कम हो सकती है। ऐसे में जल्दबाजी में भारी व्यायाम या कठिन कसरत शुरू करना सही नहीं हो सकता। रिकवरी के दौरान शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना जरूरी है। आज के लेख में हम आको इसी बारे में जानकारी देंगे, ताकि आप अपना ध्यान रखें।
वायरल फीवर के बाद कमजोरी क्यों होती है?
वायरल संक्रमण के दौरान शरीर अपनी ऊर्जा संक्रमण से लड़ने में इस्तेमाल करता है। बुखार, भूख कम लगना, पर्याप्त पानी न पीना और कई दिनों तक कम शारीरिक गतिविधि करने से शरीर पहले की तुलना में कमजोर महसूस कर सकता है।
कुछ लोगों को बीमारी ठीक होने के बाद भी थकान और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होती है। इसलिए सामान्य दिनचर्या में लौटने में जल्दबाजी करने के बजाय शरीर को पर्याप्त समय देना जरूरी है।
सांस फूलने पर तुरंत कसरत शुरू न करें
अगर बुखार ठीक होने के बाद भी आराम की स्थिति में सांस फूल रही है या थोड़ी-सी गतिविधि करने पर असामान्य रूप से सांस फूलने लगती है, तो खुद से ताकत बढ़ाने वाली कसरत शुरू करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
खासकर सीने में दर्द, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित होना अथवा सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसे लक्षण हों तो व्यायाम रोककर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
रिकवरी के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कैसे शुरू करें?
जब बुखार पूरी तरह ठीक हो चुका हो और सामान्य गतिविधियां बिना परेशानी के की जा रही हों, तब हल्की शारीरिक गतिविधि से शुरुआत की जा सकती है।
- शुरुआत कुछ मिनट की धीमी चाल से चलने से करें
- शरीर सहज महसूस करे तो धीरे-धीरे चलने का समय बढ़ाएं
- हल्के शरीर-भार वाले व्यायाम से शुरुआत की जा सकती है
- कुर्सी से उठना-बैठना जैसी आसान कसरत शुरुआती स्तर पर की जा सकती है
- शुरुआत में बहुत ज्यादा दोहराव या भारी वजन का इस्तेमाल न करें
- एक दिन कसरत करने के बाद शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें
- कमजोरी बढ़ने पर व्यायाम का समय और तीव्रता कम करें
- पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन लेते रहें
- नींद और आराम को भी रिकवरी का हिस्सा मानें
कब बढ़ाएं कसरत की तीव्रता?
अगर हल्की गतिविधि के बाद शरीर सामान्य महसूस करता है और अगले दिन अत्यधिक थकान नहीं होती, तो धीरे-धीरे कसरत का समय या कठिनाई बढ़ाई जा सकती है। लेकिन हर व्यक्ति की रिकवरी अलग होती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की व्यायाम दिनवर के बाद थकान, वायरल के बाद सांस फूलना, वायरल के बाद रिकवरी, वायरल फीवर के बाद एक्सरसाइज, वायरल के बाद कसरत कब करें, वायरल के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बुखार के बाद कमजोरी, बुखार के बाद शरीर में दर्द, वायरल के बाद शरीर की ताकत, वायरल फीवर रिकचर्या को देखकर उसी गति से शुरुआत करना जरूरी नहीं है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।