सलेम. अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ई.के. पलानीसामी ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी होने का ‘नाटक कर रहे हैं’, लेकिन वे मिले हुए हैं.
करुणानिधि शताब्दी स्मारक सिक्का जारी करने के कार्यक्रम को लेकर सत्तारूढ़ द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) पर निशाना साधते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने इसे केंद्र सरकार का कार्यक्रम बताया था. पलानीसामी ने दोहराया कि राज्य सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया था.
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुझे जो निमंत्रण पत्र मिला उसमें राज्य सरकार का प्रतीक चिह्न है. राज्य के मुख्य सचिव ने इसे जारी किया है. यह राज्य सरकार का कार्यक्रम था.” उन्होंने नाम लिए बगैर बताया कि पिछले सप्ताह आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और राज्य भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई तथा कुछ अन्य पार्टी नेताओं ने भाग लिया था.
पलानीसामी ने कहा कि द्रमुक ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन इस कार्यक्रम के लिए न तो कांग्रेस की सोनिया गांधी, न ही उनके बेटे राहुल गांधी और न ही अन्य पार्टी नेताओं को आमंत्रित किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक केंद्र का समर्थन सुनिश्चित करके राज्य में अपनी ‘भ्रष्ट सरकार’ को बचाने की कोशिश कर रही है.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और द्रमुक ऐसा नाटक कर रहे हैं जैसे कि वे प्रतिद्वंद्वी हों. उन्होंने कहा, “बाहर से ऐसा लगता है कि वे प्रतिद्वंद्वी हैं. लेकिन द्रमुक और भाजपा मिले हुए हैं.” उन्होंने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि सरकार के खिलाफ राज्यपाल को ‘भ्रष्टाचार की सूची’ सौंपे जाने के बावजूद स्टालिन सरकार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई.