जयपुर. राजस्थान के दौसा जिले में एक पुजारी की हत्या के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने सोमवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार की तुष्टीकरण की नीति का परिणाम है. दौसा के कालाखो गांव में शुक्रवार शाम पुजारी रामजीलाल शर्मा 65 वर्षीय से उनके कमरे में एक शराबी व्यक्ति ने मारपीट की. पुजारी की शनिवार सुबह जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि आरोपी को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया.
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ”प्रदेश में एक बार फिर निर्दोष पुजारी की हत्या की गई. दौसा के कालाखो गांव में बदमाशों द्वारा पुजारी की निर्मम हत्या किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और इस सरकार के माथे पर कलंक है.” उन्होंने कहा, ”ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. प्रदेश में हर माह कहीं न कहीं मंदिर के पुजारी और महंत इन बदमाशों के निशाने पर रहते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जयपुर में संवाददाता सम्मेलन में गहलोत सरकार पर तुष्टीकरण की नीति अपनाकर समाज को बांटने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मीडिया में अनावश्यक बयान देने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जनता राज्य सरकार के छिपे इरादों और वोट हासिल करने के लिए तुष्टीकरण की नीति के माध्यम से समाज को विभाजित करने के एजेंडे से चिंतित हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि बहुसंख्यकों का मनोबल गिराने और अल्पसंख्यकों का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसी घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि राज्य में पुजारियों समेत निर्दोष लोगों की हत्या के बाद कितनी सहायता दी गई. शेखावत ने यह भी कहा कि राज्य में कांग्रेस बंटी हुई है.