नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रविशंकर प्रसाद और हर्षवर्धन ने शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सांसद दानिश अली के खिलाफ अपनी पार्टी के सहयोगी रमेश बिधूड़ी की आपत्तिजनक टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया. प्रसाद और हर्षवर्धन लोकसभा में घटना के समय कथित तौर पर हंसने के लिए निशाने पर थे.
प्रसाद ने कहा कि वह किसी भी अशोभनीय टिप्पणी का समर्थन नहीं करते हैं, वहीं हर्षवर्धन ने आरोप लगाया कि निहित स्वार्थ वाले कुछ लोगों ने उनका नाम विवाद में “घसीटा” है. हर्षवर्धन ने दावा किया कि उस समय सदन में जो कहा जा रहा था उसे वह “शोरशराबे” के कारण “स्पष्ट रूप से सुन” नहीं सके. इस बीच, भाजपा ने शुक्रवार को बसपा सांसद के खिलाफ लोकसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दक्षिणी दिल्ली से अपने सांसद बिधूड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान में दिल्ली के चांदनी चौक से लोकसभा सदस्य हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ”हालांकि मैं निस्संदेह एक-दूसरे पर की जा रही टिप्पणी का गवाह था (जो वास्तव में पूरा सदन ही था), सच बात तो यह है कि उस शोर-शराबे में मैं स्पष्ट रूप से कुछ भी समझ नहीं पा रहा था.”
बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रसाद ने कहा, ”हमने हमेशा संसद के अंदर और बाहर गरिमापूर्ण आचरण का समर्थन किया है और मैं खुद भी इसका पालन करता हूं. मैं किसी भी ऐसी टिप्पणी का समर्थन नहीं करता जो अशोभनीय हो.” भाजपा के दोनों नेताओं का स्पष्टीकरण ‘चंद्रयान-3’ मिशन की सफलता पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बृहस्पतिवार रात बिधूड़ी द्वारा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य कुंवर दानिश अली पर निशाना साधते हुए कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के एक दिन बाद आया है.
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रसाद और हर्षवर्धन, दोनों निशाने पर आ गए. वीडियो क्लिप में बिधूड़ी को कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है और उनके पीछे बैठे चांदनी चौक के सांसद हर्षवर्धन और प्रसाद हंसते हुए प्रतीत हो रहे हैं.
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें बिधूड़ी बोलते हुए, जबकि भाजपा के दो सांसद मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं. आप ने कहा, ”भारत की नयी संसद के अंदर नया निम्न स्तर. भाजपा सांसद हर्षवर्धन और रविशंकर प्रसाद उस समय बेशर्मी से हंस रहे थे, जब उनके सहयोगी रमेश बिधूड़ी मुस्लिम सांसद दानिश अली को अपशब्द कह रहे थे, उन्हें…कह रहे थे.”
हर्षवर्धन ने ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, ”मैंने ट्विटर पर अपना नाम ट्रेंड होते देखा है, जहां लोगों ने मुझे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में बेवजह घसीटा है, जहां दो सांसद सदन में एक-दूसरे के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे.” उन्होंने कहा, ”हमारे वरिष्ठ एवं सम्मानित नेता राजनाथ सिंह जी पहले ही दोनों पक्षों द्वारा इस तरह की अनुचित भाषा के उपयोग की निंदा कर चुके हैं. मैं अपने मुस्लिम दोस्तों से पूछता हूं, जो आज सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ लिख रहे हैं, क्या वे वास्तव में मानते हैं कि मैं कभी भी ऐसी अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल में भागीदार बन सकता हूँ, जो किसी एक समुदाय की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाती हो?”
उन्होंने दावा किया, ”यह नकारात्मकता से भरी एक द्वेषपूर्ण, बेबुनियादी, पूर्णत? झूठ और मनगढ़ंत कहानी है और सोशल मीडिया पर कुछ निहित राजनीतिक तत्वों द्वारा मेरी छवि को खराब करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.” हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले तीस वर्षों के सार्वजनिक जीवन में, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लाखों मुस्लिम भाइयों और बहनों के साथ, अथवा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के सहयोगियों के साथ, मिलकर काम किया है.
उन्होंने कहा, ”चांदनी चौक की ऐतिहासिक गलियों में फाटक तेलियान, तुर्कमान गेट में पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा. अपने मुस्लिम दोस्तों के साथ खेलते हुए बड़ा हुआ हूं. मैं दृढ़ विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सभी मुस्लिम भाई-बहन, जो कभी भी मेरे संपर्क में रहे, वे मेरी भावनाओं, व्यवहार और मेरे आचरण की पुष्टि करने में तनिक भी नहीं हिचकेंगे”.
उन्होंने कहा, ”मैं चांदनी चौक के प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में जीतकर बहुत खुश हूँ और यदि सभी समुदायों के लोगों ने मेरा समर्थन नहीं किया होता, तो ऐसा कभी संभव नहीं हो पाता.” उन्होंने कहा, ”इस घटना से मैं अत्यधिक आहत हुआ हूं कि निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोगों ने बेवजह मेरा नाम इस प्रकरण में घसीटा है. हालांकि मैं वहां एक-दूसरे पर की जा रही टिप्पणियों का प्रत्यक्षदर्शी ज.रूर था (जो वास्तव में पूरा सदन ही था), सच बात तो यह है कि उस शोर-शराबे में मैं स्पष्ट रूप से कुछ भी समझ नहीं पा रहा था.”
उन्होंने कहा, ”मैं जीवन में हमेशा अपने सिद्धांतों पर कायम रहा हूं. अपने देश और देशवासियों के हित को हर चीज से ऊपर रखते हुए, उसके लिए अपना श्रेष्ठतम देने के लिए कभी पीछे नहीं रहा हूं और यह मेरा संकल्प है कि अपने जीवन के अंतिम सांस तक इस भावना को अक्षुण्ण रखूँगा.” अधिकारियों ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को बिधूड़ी द्वारा सदन में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को ”गंभीरता से लिया” और भविष्य में ऐसा व्यवहार दोहराए जाने पर उन्हें ”कड़ी कार्रवाई” की चेतावनी दी. बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने उन शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया.
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने बिधूड़ी की टिप्पणी पर खेद जताया था. मुस्लिम सांसद के लिए बिधूड़ी की विवादास्पद टिप्पणी का वीडियो वायरल हो गया है और विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ सदन से निलंबन सहित सख्त कार्रवाई की मांग की है.