मैनपुरी. मुस्लिम यात्रियों को कथित रूप से नमाज पढ़ने देने के लिये बीच रास्ते में रोडवेज की बस रोकने का वीडियो वायरल होने के बाद बर्खास्त संविदा परिचालक का शव संदिग्ध हालात में मैनपुरी के घिरोर क्षेत्र में ट्रेन की पटरी पर मिला है. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. परिजनों का आरोप है कि नौकरी से बर्खास्त होने के बाद परिचालक मोहित यादव अवसाद में था और आशंका है कि उसने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में संविदा पर परिचालक के पद पर तैनात रहे मोहित यादव (30) का शव रविवार रात घिरोर थाना क्षेत्र के कोसमा स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में रेल की पटरी पर मिला था. मोहित के छोटे भाई रोहित ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसका भाई इसी साल तीन जून को बरेली से कौशांबी जा रही एक बस पर परिचालक की ड्यूटी कर रहा था. उसने बताया कि मोहित को एक वीडियो वायरल होने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था. मोहित पर आरोप था कि उसने कुछ यात्रियों को नमाज पढ़ने देने के लिये रास्ते में बस रोकी थी.
रोहित के मुताबिक, उसका भाई अपनी बर्खास्तगी के बाद से अवसाद में था और आशंका है कि उसने इसी से परेशान होकर कोसमा स्टेशन से गुजर रही कालिंद्री एक्सप्रेस से कटकर आत्महत्या कर ली. इस बीच, मोहित यादव का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह बता रहा है कि वह बरेली से कौशांबी जा रही बस में ड्यूटी पर तैनात था. रास्ते में दो मुस्लिम यात्री बस पर चढ़े और उससे नमाज पढ़ने देने के लिये रास्ते में बस रोकने का अनुरोध किया. रामपुर जिले में तीन यात्रियों ने लघुशंका निवारण के लिये बस रुकवायी तो उसने मुस्लिम यात्रियों से कहा कि बस रुकी है तो इतनी देर में वे भी नमाज पढ़कर आ जाएं.
मोहित वीडियो में कह रहा है कि इस बीच बस में बैठे किसी यात्री ने नमाज पढ़ रहे मुसाफिरों का वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट पर डाल दिया जो वायरल हो गया. इसका संज्ञान लेते हुए रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे बर्खास्त कर दिया.
मोहित के परिजन ने बताया कि पिछली 27 अगस्त को उसने घरवालों को बताया था कि रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी का फोन आया था और वह बरेली जा रहा है. वह घर से निकल गया लेकिन देर रात उसका शव मिलने की खबर आ गयी.
बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है.