आपराधिक घटनाओं में निज्जर की संलिप्तता की जानकारी होने पर भी कनाडा ने कार्रवाई नहीं की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 22 Sep 2023 10:28 PM
आपराधिक घटनाओं में निज्जर की संलिप्तता की जानकारी होने पर भी कनाडा ने कार्रवाई नहीं की
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नयी दिल्ली. खालिस्तानी अलगावादी नेता हरदीप सिंह निज्जर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके उत्तरी अमेरिकी देश पहुंचा और कनाडा ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जबकि उसे यह बताया गया था कि वह हत्या और अन्य आतंकवादी मामलों समेत 12 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है. सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

भारत और कनाडा के बीच निज्जर की हत्या को लेकर कूटनीतिक विवाद हो गया. जून में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ. सूत्रों ने बताया कि निज्जर की 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के एक गुरुद्वारे की पार्किंग में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी. वह 1997 में रवि शर्मा के नाम से फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके कनाडा गया था.

सूत्रों ने बताया कि उसने यह दावा करते हुए कनाडा में शरण के लिए आवेदन किया था कि उसे भारत में उत्पीड़न का डर है क्योंकि वह ”एक विशेष सामाजिक समूह” से हैं. निज्जर के इस आवेदन को हालांकि अस्वीकार कर दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि उसका दावा खारिज होने के ग्यारह दिन बाद, उसने एक महिला के साथ ”विवाह”किया, जिसने उसके अप्रवासन में मदद की थी.

इस आवेदन को कनाडा में आव्रजन अधिकारियों ने भी खारिज कर दिया था. निज्जर ने इसके खिलाफ कनाडा की अदालतों में अपील की, हालांकि वह खुद को कनाडा का नागरिक होने का दावा करता रहा. बाद में उसे कनाडाई नागरिकता प्रदान की गई, जिसकी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं. नवंबर 2014 में उसके खिलाफ ‘इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस’ (आरसीएन) जारी किया गया था.

सूत्रों ने बताया कि निज्जर के खिलाफ भारत में हत्या और अन्य आतंकवादी गतिविधियों के 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. सूत्रों ने बताया कि मामलों का विवरण कनाडाई अधिकारियों के साथ साझा किया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा, आरसीएन के बावजूद कनाडाई अधिकारियों ने उसे उड़ान निषिद्ध सूची में डालने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की.

जून में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ. भारत ने मंगलवार को इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया था और इस मामले को लेकर कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.

भारत ने बुधवार को और कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से सर्मिथत घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा को देखते हुए वहां रह रहे अपने नागरिकों और वहां की यात्रा का विचार कर रहे अपने नागरिकों को ”अत्यधिक सावधानी” बरतने का परामर्श जारी किया था. भारत ने कनाडा स्थित अपने उच्चायोग और वाणिज्य दूतावासों के समक्ष उत्पन्न ‘सुरक्षा खतरों’ के मद्देनजर कनाडाई नागरिकों को वीजा जारी करने पर अस्थायी रूप से रोक लगाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की थी.

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